जशपुर। जिले के कुनकुरी में मोबाइल दुकान से चोरी हुए 132 मोबाइल हैंडसेट बांग्लादेश में बेचे जाने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। चोरी के बाद मोबाइल अलग-अलग आरोपियों तक पहुंचे और इसके बाद उन्हें बांग्लादेश में बेच दिया गया। मोबाइल दूसरे देश में पहुंच जाने के कारण अब उनकी बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। पुलिस ने मोबाइल वापस लाने के लिए विधि अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि चार आरोपी फरार हैं। पुलिस ने 1 लाख 80 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मुताबिक मामले की जांच में सीसीटीवी फुटेज, टावर डंप लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस की जांच जशपुर से निकलकर झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंची। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में चोरी के मोबाइल बांग्लादेश में बेचे जाने की जानकारी सामने आई।
कुनकुरी के वार्ड क्रमांक 09 तपकरा रोड निवासी मोबाइल दुकान संचालक पंकज कुमार पारिक (44) ने 12 अगस्त 2026 को कुनकुरी थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह करीब 7:45 बजे सूर्योदय बैंक के कर्मचारी रितेश ने फोन कर दुकान का शटर खुला होने की जानकारी दी। पंकज दुकान पहुंचे तो शटर में लगे दोनों ताले कटे हुए मिले। आसपास ताला काटने और तोड़ने में इस्तेमाल सामान पड़ा हुआ था। दुकान के अंदर मोबाइल के डिब्बे अस्त-व्यस्त थे और बिक्री के लिए रखे 132 मोबाइल हैंडसेट गायब थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने रात में शटर का ताला काटकर दुकान में प्रवेश किया और
आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। इसके साथ ही टावर डंप लोकेशन सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान घटनास्थल के पास स्थित अन्नपूर्णा होटल से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिला। पुलिस के मुताबिक दो आरोपी होटल में खाना खाने पहुंचे थे और उन्होंने होटल संचालक को अपना मोबाइल नंबर दिया था। इसी जानकारी को तकनीकी साक्ष्यों से जोड़ते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस टीम झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंची। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम झारखंड के साहेबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र स्थित ग्राम मुर्गीटोली मध्य नारायणपुर पहुंची। यहां से तौसिफ राजा को हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में उसने अपने साथी कबीर शेख के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की।
पुलिस जांच के अनुसार चोरी के बाद मोबाइल बिक्री के लिए सेंटू शेख को दिए गए थे। तौसिफ के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर पुलिस को मोबाइलों की खरीद-बिक्री से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिली। पूछताछ में सामने आया कि चोरी के मोबाइल सत्यजीत मंडल, अब्दुल बारी उर्फ रूबेल और इकबाल हुसैन उर्फ राणा तक पहुंचे थे। मोबाइलों की बिक्री से करीब 17 लाख रुपए मिलने और रकम आरोपियों के बीच बांटे जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि जांच में चोरी के सभी 132 मोबाइल हैंडसेट बाद में बांग्लादेश में बेच दिए जाने की जानकारी मिली। दूसरे देश में पहुंच चुके मोबाइलों को ट्रेस कर वापस बरामद करना कठिन हो गया है। पुलिस ने इन मोबाइलों को बरामद करने के लिए विधि के अनुरूप आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मामले में पुलिस ने अब तक तौसिफ राजा (35), सेंटू शेख (27), इकबाल हुसैन उर्फ राणा (27), अब्दुल बारी उर्फ रूबेल खुराना (28) और अब्दुल अजीज (32) को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की गिरफ्तारी 25 अगस्त, 14 सितंबर, 27 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग चरणों में हुई। सभी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने सेंटू शेख से कमीशन के रूप में प्राप्त रकम में से बचे 1 लाख 80 हजार रुपए बरामद कर जब्त किए हैं। आरोपियों के व्यक्तिगत मोबाइल फोन भी साक्ष्य के तौर पर जब्त किए गए हैं। मामले में चार अन्य आरोपियों की पहचान की गई है, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार कार्रवाई कर रही है। प्रकरण में बीएनएस की धारा 331(4), 305(ए), 111(6), 313 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह के मुताबिक सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाते हुए अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चोरी के मोबाइलों की बरामदगी और फरार चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।







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