CG : ’कहानी सेवा की’ : ’सौर सुजला योजना ने बदली करण साय की खेती की तस्वीर, अब साल में दो से तीन फसलें’

’सुविधा मिलने से बढ़ी खेती की उत्पादकता, वार्षिक आमदनी पहुंची करीब 2 लाख रुपये’

’कोरिया , शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तब सार्थक होता है, जब उनका लाभ खेत-खलिहान तक पहुंचकर किसानों के जीवन में बदलाव लाए। “सेवा संकल्प अभियान” इसी सोच को धरातल पर साकार करने का माध्यम है। जिले के कादमनारा के जोबापानी पारा निवासी किसान करण साय, पिता जयराम के जीवन में आया बदलाव इसका एक प्रेरक उदाहरण है।

करण साय लगभग 2 एकड़ भूमि में खेती करते हैं। पहले उनके पास सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं था, जिसके कारण वे वर्ष में केवल एक ही फसल ले पाते थे। बारिश पर निर्भर खेती में मौसम की अनिश्चितता के कारण उत्पादन और आमदनी भी प्रभावित होती थी।

वर्ष 2016 में सौर सुजला योजना का लाभ मिलने के बाद उनकी खेती की तस्वीर बदल गई। योजना के तहत उनके खेत में 3 एचपी का सोलर पंप स्थापित किया गया, जिससे उन्हें सिंचाई का स्थायी और सुविधाजनक साधन मिला। अब उन्हें सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और खेतों में आवश्यकता के अनुसार पानी उपलब्ध हो जाता है।

सिंचाई सुविधा मिलने के बाद करण साय अब अपने खेत में धान, मूंग, सरसों, उड़द और गेहूं जैसी विभिन्न फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। पहले जहां साल में केवल एक फसल हो पाती थी, वहीं अब वे दो से तीन फसलें लेने में सक्षम हैं। इससे उनकी खेती की उत्पादकता बढ़ी और वार्षिक आमदनी लगभग 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

सिंचाई सुविधा ने बढ़ाया खेती का भरोसा
करण साय बताते हैं कि सोलर पंप लगने से अब सिंचाई को लेकर कोई बड़ी समस्या नहीं होती। खेत में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होने से फसल लेने का भरोसा बढ़ा है और खेती अब पहले की तुलना में अधिक लाभकारी हो गई है। उनके लिए सौर सुजला योजना केवल खेत में लगा एक सोलर पंप नहीं, बल्कि आजीविका को मजबूत करने और खेती को नई दिशा देने का साधन बनी है।

See also  राजनांदगांव : कृष्ण गौशाला में नई कार्यकारिणी ने संभाली कमान…

करण साय ने योजना का लाभ मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसानों तक ऐसी योजनाओं का लाभ पहुंचने से खेती को मजबूती मिलती है और किसान आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकते हैं।किसान करण साय की कहानी इस बात का उदाहरण है कि जब शासन की योजनाएं जरूरतमंद हितग्राहियों तक पहुंचती हैं, तो उनका प्रभाव केवल एक सुविधा तक सीमित नहीं रहता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *