रायगढ़। महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत रायगढ़ महिला थाना पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों मामलों में शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और डीएसपी श्रीमती उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण में की गई।
पहला मामला जूटमिल क्षेत्र की 17 वर्षीय नाबालिग से जुड़ा है। पीड़िता ने 30 सितंबर 2026 को महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, स्कूल आने-जाने के दौरान उसकी पहचान कोड़ातराई निवासी 19 वर्षीय मुकेश चौहान से हुई थी। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने उसे पसंद करने की बात कही और 6 अप्रैल 2025 को अपने माता-पिता से मिलवाने का बहाना बनाकर उसे घर ले गया। आरोप है कि घर में किसी के मौजूद नहीं होने पर आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के अनुसार, इसके बाद भी आरोपी उससे मिलता रहा। जब उसने आरोपी से दूरी बनानी शुरू की तो वह दोनों के साथ के फोटो उसके परिवार को भेजने, उसे बदनाम करने और पढ़ाई छुड़वा देने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगा। 26 मार्च 2026 को पीड़िता ने अपने परिवार को पूरी जानकारी दी थी।
इसके बाद परिजन आरोपी के घर भी पहुंचे और उसे समझाइश दी। कुछ समय बाद 18 सितंबर 2026 को आरोपी फिर पीड़िता के घर के पास पहुंचा और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए उसे बदनाम करने तथा शादी नहीं होने देने की धमकी दी। इसके बाद 30 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 86/2026 के तहत BNS की धारा 64(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 में मामला दर्ज कर आरोपी मुकेश चौहान को गिरफ्तार कर लिया। दूसरा मामला कोतरारोड़ थाना क्षेत्र की 36 वर्षीय महिला से संबंधित है। महिला ने 2 अक्टूबर 2026 को स्कूल बस चालक राम प्रसाद कंडरा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला के अनुसार, वर्ष 2023 में दोनों की पहचान हुई थी। आरोपी ने उससे शादी करने का वादा किया और परिवार तथा परिचितों के सामने भी शादी की बात कही। इसी भरोसे के बाद वर्ष 2025 में आरोपी उसे किराये के मकान में रखकर शादी का प्रलोभन देता रहा और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
महिला का आरोप है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर बात टालता रहा। बाद में उसे आरोपी के किसी अन्य महिला से संबंध होने की जानकारी मिली। इस बारे में पूछताछ करने पर आरोपी ने कथित तौर पर गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही शादी से इंकार कर दिया। शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 87/2026 के तहत BNS की धारा 69 और 351(3) में प्रकरण दर्ज कर राम प्रसाद कंडरा को गिरफ्तार किया। तीसरा मामला खरसिया क्षेत्र की 16 वर्षीय नाबालिग से जुड़ा है। पीड़िता ने 2 अक्टूबर 2026 को आरोपी मनोज निषाद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, वर्ष 2025 में इंस्टाग्राम के माध्यम से दोनों की पहचान हुई थी। अप्रैल 2025 में नाबालिग रायगढ़ आई थी। आरोप है कि 7 अप्रैल को आरोपी ने उसे मेला दिखाने के बहाने बुलाया और कोतरारोड़ चौक के पास मिलने के बाद एक होटल में ले गया। वहां शादी का झांसा देकर, नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपी उसे अपने घर भी ले गया और वहां भी जबरन संबंध बनाए। वह बार-बार फोन कर अकेले मिलने के लिए बुलाता था और मना करने पर दोनों के संबंधों की जानकारी उसके परिजनों को देने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था। परेशान होकर नाबालिग ने अपनी दीदी को पूरी घटना बताई, जिसके बाद महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 88/2026 के तहत BNS की धारा 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4, 6 में मामला दर्ज किया। कार्रवाई करते हुए 3 अक्टूबर 2026 को मनोज निषाद को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त, सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, एएसआई परमेश्वर गुप्ता, प्रधान आरक्षक राजेश उरांव और संदीप भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के तहत आगे भी अभियान जारी रहेगा।










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