देवी आराधना को मिलेगा छत्तीसगढ़ी स्वर, 7 अक्टूबर को रिलीज होगा ‘महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र’

‘अयि गिरिनन्दिनि’ का सरल एवं भावपूर्ण छत्तीसगढ़ी भावानुवाद ; दिनेश वर्मा ने दी आवाज, एम. मुकेश साहू ने किया निर्देशन

राजनंदगांव । संस्कृत की प्रसिद्ध देवी स्तुति ‘महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र (अयि गिरिनन्दिनि)’ अब छत्तीसगढ़ी भाषा में भी सुनाई देगी। स्तोत्र के मूल भाव और देवी-महिमा को सहज छत्तीसगढ़ी में प्रस्तुत करते हुए तैयार ‘छत्तीसगढ़ी महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम्’ का वीडियो 7 अक्टूबर को सुबह 11 बजे DVW Production के YouTube चैनल पर रिलीज किया जाएगा।

इस धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुति को दिनेश वर्मा ने स्वर दिया है, जबकि वीडियो का निर्देशन एम. मुकेश साहू ने किया है। इसकी विशेषता यह है कि संस्कृत रचना का शब्दशः अनुवाद करने के बजाय उसके मूल भाव को छत्तीसगढ़ी भाषी श्रोताओं तक सहज रूप में पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

‘अयि गिरिनन्दिनि’ से छत्तीसगढ़ी में देवी की स्तुति

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र में आदिशक्ति मां दुर्गा को ‘गिरिनन्दिनि’ और ‘शैलसुते’ जैसे संबोधनों से पुकारा गया है। महिषासुर का संहार करने वाले देवी के विजयी स्वरूप को महिषासुरमर्दिनी कहा जाता है। इसी देवी-महिमा और शक्ति आराधना के भाव को नई प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी भाषा से जोड़ा गया है।

इसका शास्त्रीय संदर्भ मार्कण्डेय पुराण के देवीमाहात्म्य, जिसे दुर्गासप्तशती के नाम से भी जाना जाता है, विशेष रूप से अध्याय 2 से 4 में वर्णित देवी और महिषासुर के युद्ध के प्रसंग से जुड़ता है। कथा में देवताओं के तेज से देवी के प्राकट्य, उन्हें दिव्य अस्त्र-शस्त्र प्रदान किए जाने और महिषासुर की सेना से युद्ध के बाद उसके वध का वर्णन मिलता है।

स्तोत्र में देवीमाहात्म्य से जुड़े मधु-कैटभ, धूम्रलोचन, रक्तबीज और शुम्भ-निशुम्भ जैसे प्रसंगों की भी काव्यात्मक झलक मिलती है। छत्तीसगढ़ी भावानुवाद में इन्हीं धार्मिक भावों और देवी की महिमा को यथासंभव सुरक्षित रखते हुए स्थानीय भाषा में श्रोताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

See also  सीएम हेल्पलाइन 1076 से हो रहा समस्याओं का प्रभावी और समयबद्ध समाधान

छत्तीसगढ़ी भाषी श्रोताओं तक पहुंचाने की पहल

प्रस्तुति से जुड़े कलाकारों का उद्देश्य संस्कृत स्तोत्र के आध्यात्मिक भाव को छत्तीसगढ़ी भाषा के माध्यम से अधिक सहज बनाना है। इससे विशेष रूप से उन श्रोताओं को स्तोत्र के भाव को समझने का अवसर मिलेगा, जो इसे अपनी स्थानीय भाषा में सुनना चाहते हैं।

जारी पोस्टर के अनुसार सचवंत ठाकुर ने भावानुवाद की जिम्मेदारी संभाली है। पूज्य सोमेश शुक्ला मार्गदर्शक हैं, जबकि संगीत में संजू डीजे एवं वासु साहू का योगदान है। आयोजन से दिनेश वर्मा एवं पूज्य सोमेश शुक्ला जी जुड़े हैं।

‘छत्तीसगढ़ी महिषासुर मर्दिनी स्तोत्रम्’ 7 अक्टूबर को सुबह 11 बजे DVW Production के YouTube चैनल पर रिलीज होगा। निर्माण टीम को उम्मीद है कि देवी आराधना के साथ छत्तीसगढ़ी भाषा और संस्कृति से जुड़ी यह पहल प्रदेश के साथ देश-विदेश में रहने वाले छत्तीसगढ़ी भाषी श्रोताओं तक भी पहुंचेगी।

ऊपर दी गई जानकारी PhD रिसर्च स्कॉलर रमन सोनवानी ने दी है। संपर्क नंबर: 9770865660।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *