राजनांदगांव । इन दिनों पूजन सामग्री से लेकर तेल और घी के दाम बढ़ चुके हैं। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही बाजार में पूजन सामग्री की मांग बढ़ गई है। देवी आराधना के इस पर्व पर फल-फूल, नारियल, तेल, घी और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी तेज हो गई है। लेकिन इस बार महंगाई का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। पूजा में उपयोग होने वाली कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तेजी से श्रद्धालुओं का बजट प्रभावित हो रहा है। नवरात्रि के दौरान देवी मंदिरों में ज्योति प्रज्ज्वलित करने से लेकर घरों में पूजा-अर्चना तक तेल और घी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर आम उपभोक्ताओं के साथ मंदिर समितियों पर भी पड़ सकता है। नवरात्रि का पर्व शुरू होने के कारण राजनांदगांव जिला मुख्यालय के बाजार क्षेत्र में भी पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं, जहां पर लोग पहुंचकर अधिक से अधिक खरीदारी करते नजर आ रहे हैं।
नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के लिए फूल, माला, नारियल, चुनरी, कपूर, अगरबत्ती, कुमकुम, फल और दीपक सहित कई सामग्रियों की जरूरत होती है। पर्व के दौरान इन वस्तुओं की मांग बढ़ने से कीमतों पर भी असर पड़ रहा है। खासकर फल और फूल जैसी जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं की कीमतें आपूर्ति और मांग के अनुसार बदल रही हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को पूजा की तैयारी के लिए पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
तेल और घी की खपत बढ़ने से असर
इस संबंध में व्यापारी चंदन खंडेलवाल का कहना है कि नवरात्रि के दौरान पूजन सामग्री की मांग में स्वाभाविक रूप से बढ़ोतरी होती है। इस समय श्रद्धालु अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप खरीदारी करते हैं। बाजार में कीमतों का असर ग्राहकों की खरीदारी पर भी पड़ता है। उपभोक्ता अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सामान खरीद रहे हैं। पर्व के दौरान मांग के साथ-साथ वस्तुओं की उपलब्धता और थोक बाजार की कीमतें भी खुदरा दरों को प्रभावित करती हैं।
कई सामग्रियों की जरूरत होती है
नवरात्रि के दौरान कई सामग्रियों की जरूरत होती है। पर्व के दौरान मांग बढ़ने से बाजार में इन वस्तुओं की खरीदारी बढ़ जाती है। वहीं फल और फूल जैसी जल्दी खराब होने वाली वस्तुओं की कीमतें आपूर्ति और मांग के अनुसार बदलती रहती हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं को पूजा की तैयारी के लिए पहले की तुलना में अधिक खर्च करना पड़ सकता है।
श्रद्धालुओं के बजट पर असर
नवरात्रि में बढ़ती महंगाई का असर भक्तों के पूजा-पाठ और ज्योति प्रज्ज्वलित करने की परंपरा पर भी पड़ सकता है। हालांकि, श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार पूजा की तैयारियों में जुटे हैं। पूजन सामग्री की बढ़ती कीमतों के बीच परिवारों को अपने खर्च का हिसाब भी रखना पड़ रहा है।















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