CG : ड्यूटी से गायब रहना पड़ा भारी, दो सरकारी कर्मचारी बर्खास्त …

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सरकारी कामकाज के प्रति लापरवाही और बिना सूचना ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने वाले दो कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कार्यालय बीजापुर में पदस्थ चौकीदार सूरज काका और भृत्य अशोक यालम को शासकीय सेवा से हटा दिया गया है। दोनों कर्मचारियों पर बिना पूर्व सूचना के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने और विभागीय जांच में सहयोग नहीं करने के आरोप प्रमाणित पाए गए हैं। प्रशासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से सेवा से हटाने का आदेश जारी किया है।

बिना सूचना ड्यूटी से गायब थे दोनों कर्मचारी जानकारी के मुताबिक, जिला कार्यालय बीजापुर में पदस्थ चौकीदार सूरज काका और भृत्य अशोक यालम लंबे समय से अपने निर्धारित शासकीय कर्तव्यों से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित थे। दोनों कर्मचारियों ने कार्यालय को अपनी अनुपस्थिति के संबंध में न तो कोई लिखित सूचना दी थी और न ही मौखिक रूप से जानकारी उपलब्ध कराई थी। इसे शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही मानते हुए विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई।

बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं दिया जवाब प्रशासन द्वारा दोनों कर्मचारियों को उनकी अनाधिकृत अनुपस्थिति के संबंध में कई बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा आरोप पत्र भेजकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए थे। लेकिन संबंधित कर्मचारियों ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी स्थिति भी स्पष्ट नहीं की। लगातार नोटिस और निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने दोनों कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार विभागीय जांच शुरू कराई।

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विभागीय जांच में भी नहीं हुए उपस्थित विभागीय जांच के दौरान दोनों कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने और बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने के पर्याप्त अवसर प्रदान किए गए। इसके बावजूद चौकीदार सूरज काका और भृत्य अशोक यालम जांच प्रक्रिया में उपस्थित नहीं हुए। जांच अधिकारियों ने उपलब्ध दस्तावेजों, कार्यालयीन अभिलेखों और गवाहों के बयानों के आधार पर जांच पूरी की। जांच प्रतिवेदन में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए अनाधिकृत अनुपस्थिति और कर्तव्य के प्रति लापरवाही के आरोप प्रमाणित पाए गए।

अंतिम मौका देने पर भी नहीं मिला स्पष्टीकरण विभागीय जांच पूरी होने के बाद प्रशासन ने दोनों कर्मचारियों को दंडात्मक कार्रवाई से पहले अपना पक्ष रखने का अंतिम अवसर भी प्रदान किया। निर्धारित समय सीमा के भीतर दोनों कर्मचारियों की ओर से कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद प्रशासन ने उपलब्ध साक्ष्यों और विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर अंतिम निर्णय लिया। सिविल सेवा नियमों के तहत की गई कार्रवाई प्रशासन ने दोनों कर्मचारियों के आचरण को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रावधानों के विपरीत पाया। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 10 (आठ) के तहत दोनों कर्मचारियों को शासकीय सेवा से हटाने का आदेश जारी किया गया। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकारी कार्यों में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई जिला कार्यालय के दो कर्मचारियों को सेवा से हटाने की इस कार्रवाई में अनाधिकृत अनुपस्थिति, विभागीय नोटिसों की अनदेखी और जांच में असहयोग को प्रमुख आधार बनाया गया है। मामले में कर्मचारियों को कई अवसर दिए जाने के बावजूद जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर प्रशासन ने नियमानुसार सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया। इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि शासकीय कर्मचारियों के लिए निर्धारित सेवा नियमों और कर्तव्यों का पालन करना आवश्यक है।

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