रायपुर : छत्तीसगढ़ के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश सामने आए हैं। विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा नहीं करने, निरीक्षण कार्यों में लापरवाही बरतने और लंबित प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। विभागीय समीक्षा से जुड़ी जानकारी के अनुसार, संतोषजनक कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण लेने तथा आवश्यकतानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। समीक्षा बैठक के संबंध में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, विभागीय नियंत्रक दीपक अग्रवाल द्वारा विभिन्न जिलों के सहायक नियंत्रकों और निरीक्षकों के कामकाज की समीक्षा किए जाने का उल्लेख है। इस दौरान निरीक्षण कार्यों, औषधि नमूनों के संग्रहण, शिकायतों के निराकरण और अधिकारियों की कार्यप्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया।
लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों से मांगा जाएगा जवाब विभागीय समीक्षा में स्पष्ट किया गया कि निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। निरीक्षण, नमूना संग्रहण और लंबित मामलों के निराकरण में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। जिन अधिकारियों की कार्यप्रगति निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नहीं मिलेगी, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है। इसके लिए कारण बताओ नोटिस जारी करने और जवाब का परीक्षण करने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। विभागीय निर्देशों की अनदेखी और कार्यों में लगातार लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर स्पष्ट निर्देश विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से नियमित हाजिरी दर्ज करने पर जोर दिया गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कार्यालयों में उपस्थिति के रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखना और कार्यों के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना है। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित कार्यालयीन समय तथा उपस्थिति संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
ई-एचआरएमएस पोर्टल से होंगे अवकाश आवेदन विभागीय व्यवस्था के अंतर्गत अवकाश आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया के लिए ई-एचआरएमएस पोर्टल का उपयोग करने को कहा गया है। इसके माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश संबंधी आवेदन तथा स्वीकृति का ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इससे प्रशासनिक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने और आवेदनों की स्थिति का रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। विभाग ने मुख्यमंत्री जन शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निराकरण पर भी विशेष जोर दिया है। निर्देशों के अनुसार, शिकायतों की प्रकृति के आधार पर आवश्यक स्थल निरीक्षण किया जाए और संबंधित प्रकरणों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, औषधियों की बिक्री और अन्य नियामकीय विषयों से जुड़ी शिकायतों के निराकरण में देरी नहीं करने को कहा गया है।
औषधि नमूनों के संग्रहण और जांच में तेजी के निर्देश समीक्षा के दौरान विभिन्न जिलों में औषधि नमूनों के संग्रहण की प्रगति पर भी ध्यान दिया गया। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार नमूने लेने और उनसे संबंधित प्रक्रियाओं को समय पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। औषधियों की गुणवत्ता की निगरानी खाद्य एवं औषधि प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इसके तहत नियमानुसार दवा प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, नमूना संग्रहण और संबंधित प्रयोगशालाओं में परीक्षण की प्रक्रिया संचालित की जाती है। विभागीय कार्यों में तेजी लाने का उद्देश्य इन प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के अनुरूप समय पर पूरा करना है। हर तीन महीने में कार्यप्रगति की समीक्षा अधिकारियों के त्रैमासिक प्रगति विवरण की समीक्षा करने और लक्ष्य पूर्ति में सुधार लाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके तहत निरीक्षण की संख्या, नमूना संग्रहण, लंबित प्रकरणों और शिकायतों के निराकरण जैसी गतिविधियों की प्रगति पर ध्यान दिया जाएगा। जिन जिलों में निर्धारित लक्ष्यों के मुकाबले कार्यप्रगति कम मिलेगी, वहां संबंधित अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने और सुधारात्मक कदम उठाने को कहा जाएगा। जनस्वास्थ्य से जुड़ी जिम्मेदारियों पर विशेष जोर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ी नियामकीय जिम्मेदारियां निभाता है। बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता मानकों का पालन और औषधियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है। ऐसे में निरीक्षण कार्यों और शिकायतों के निराकरण में समयबद्धता बनाए रखना आवश्यक है। विभागीय समीक्षा से जुड़े निर्देशों के बाद अब जिलों में निरीक्षण कार्यों, नमूना संग्रहण, लंबित शिकायतों और अधिकारियों की उपस्थिति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिए जाने की अपेक्षा है। साथ ही कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।













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