CG : छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर रोक; GAD ने जारी किए निर्देश …

CG : छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर रोक; GAD ने जारी किए निर्देश …

रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जनगणना 2027 की तैयारियों के बीच सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने जनगणना कार्य में लगाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों का अगले छह महीने अथवा जनगणना कार्य पूरा होने तक, जो भी पहले हो, यथासंभव स्थानांतरण नहीं करने के निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से जनगणना ड्यूटी में नियुक्त और प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अधिकारियों-कर्मचारियों के लिए है। राज्य सरकार का उद्देश्य जनगणना के महत्वपूर्ण कार्य को बिना किसी प्रशासनिक बाधा के समय पर पूरा कराना है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 2 नवंबर 2026 को जारी पत्र में सभी विभागों के भारसाधक सचिवों, संभागायुक्तों और जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। जनगणना का दूसरा चरण जनवरी-फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा। इसके लिए जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर पर अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

इन सरकारी कर्मचारियों के तबादलों पर रोक सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देशों के अनुसार, जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण से यथासंभव बचा जाएगा। इनमें जिला जनगणना अधिकारी, चार्ज अधिकारी, मास्टर ट्रेनर, फील्ड ट्रेनर, प्रगणक, पर्यवेक्षक और जनगणना कार्य में नियुक्त अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा, जिन कर्मचारियों का जनगणना संबंधी प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, उनके स्थानांतरण से भी यथासंभव बचने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता बनाए रखना और जनगणना प्रक्रिया में निरंतरता सुनिश्चित करना है।

छह महीने तक प्रभावी रहेंगे निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों का आगामी छह महीने या जनगणना कार्य समाप्त होने तक, जो भी पहले हो, यथासंभव तबादला नहीं किया जाए। अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाने के लिए कहा गया है। निर्देश के पीछे प्रमुख कारण यह है कि जनगणना कार्य के लिए बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यदि प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों का स्थानांतरण होता है, तो नए कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रशिक्षण की आवश्यकता पड़ सकती है। इससे जनगणना कार्य की समय-सीमा प्रभावित होने की आशंका रहती है।

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25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक होगी जनसंख्या गणना केंद्र सरकार की अधिसूचना के अनुसार जनगणना 2027 के दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद 1 से 5 मार्च 2027 तक पांच दिवसीय पुनरीक्षण प्रक्रिया संचालित होगी। इस दौरान छूटे हुए व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त करने और आवश्यक सुधार करने का काम किया जाएगा। ये तारीखें छत्तीसगढ़ सहित सामान्य राष्ट्रीय कार्यक्रम वाले राज्यों के लिए हैं। कुछ राज्यों और विशेष क्षेत्रों का कार्यक्रम अलग है।

जनगणना में इस बार पूछे जाएंगे 40 सवाल जनगणना 2027 के दूसरे चरण में नागरिकों से कुल 40 प्रश्नों के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी। भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय ने 14 अगस्त 2026 को दूसरे चरण की प्रश्नावली अधिसूचित की थी। इसमें जनसंख्या से संबंधित व्यक्तिगत और पारिवारिक जानकारी के साथ जाति संबंधी विवरण भी शामिल होगा। जनगणना के दौरान एकत्र जानकारी का उपयोग देश की जनसंख्या संरचना, सामाजिक परिस्थितियों और विभिन्न विकास योजनाओं के लिए सांख्यिकीय आधार तैयार करने में किया जाता है। पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना जनगणना 2027 की एक प्रमुख विशेषता डिजिटल तकनीक का उपयोग है। इस बार प्रगणक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जानकारी एकत्र करेंगे। इसके अतिरिक्त नागरिकों को निर्धारित अवधि में स्वयं ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया जाएगा। इसके लिए जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) विकसित की गई है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण, निगरानी और विभिन्न प्रशासनिक स्तरों के बीच समन्वय को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। केंद्र सरकार के अनुसार यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी। नागरिक 10 जनवरी से खुद भर सकेंगे जानकारी जनगणना 2027 के तहत नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सामान्य राष्ट्रीय कार्यक्रम के अनुसार 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध रहेगा। इसके बाद 25 जनवरी से घर-घर जनगणना का कार्य शुरू होगा। जिन परिवारों ने पहले से ऑनलाइन जानकारी दर्ज कर दी होगी, उनकी जानकारी का सत्यापन भी प्रगणक करेंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य जनगणना में किसी व्यक्ति या परिवार की जानकारी छूटने से बचाना है। 1931 के बाद व्यापक जातिगत गणना का महत्वपूर्ण चरण जनगणना 2027 में जातिगत जानकारी एकत्र करने का निर्णय भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को जातिगत गणना को जनगणना 2027 में शामिल करने का निर्णय लिया था। आजादी के बाद की जनगणनाओं में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति से संबंधित आंकड़े नियमित रूप से एकत्र किए जाते रहे हैं। आगामी जनगणना में अन्य जातियों से संबंधित जानकारी भी दर्ज की जाएगी। इस तरह 1931 के बाद व्यापक जातिगत गणना की दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होगी। कुछ राज्यों में अलग समय पर होगी जनगणना केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड के गैर-बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए जनसंख्या गणना का अलग कार्यक्रम निर्धारित किया है। इन क्षेत्रों में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक घर-घर जनसंख्या गणना की समय-सीमा घोषित की गई है। मणिपुर के लिए अलग घोषणा की व्यवस्था है। वहीं लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले कुछ क्षेत्रों का कार्यक्रम भी अलग रखा गया है। इसलिए इन राज्यों और क्षेत्रों को जनगणना से स्थायी रूप से बाहर बताना सही नहीं होगा। जनगणना के लिए ₹11,718 करोड़ का बजट केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के संचालन के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस व्यापक अभियान में देशभर में लगभग 30 लाख कर्मचारियों और पर्यवेक्षकों की भागीदारी का अनुमान है। जनगणना के लिए मोबाइल एप्लिकेशन, डिजिटल प्रणाली, प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों का प्रशिक्षण शुरू छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियों के अंतर्गत 12 अक्टूबर 2026 से जिला, अनुविभाग और तहसील स्तर के संबंधित अधिकारियों का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नवंबर में मास्टर ट्रेनर्स, 1 दिसंबर से फील्ड ट्रेनर्स तथा 16 दिसंबर से प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाना है। प्रशिक्षण का उद्देश्य कर्मचारियों को डिजिटल प्रणाली, प्रश्नावली और जनसंख्या गणना की प्रक्रिया से परिचित कराना है। छत्तीसगढ़ शासन का उद्देश्य जनगणना कार्य में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों की सेवाएं जनगणना कार्य के लिए उपलब्ध बनाए रखने का प्रयास करें। राज्य में जनवरी-फरवरी 2027 के दौरान होने वाली जनसंख्या गणना को निर्धारित समय में पूरा कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। जनगणना ड्यूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण से यथासंभव बचने का निर्देश इसी तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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