मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने की बनेगी कार्ययोजना, नवाचारों की होगी शुरुआत
भोपाल
मध्यप्रदेश के उत्पादों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में पहचान दिलाने और प्रदेश की निर्यात क्षमता का विस्तार करने के उद्देश्य से गुरुवार, 5 नवंबर को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट एंड एफटीए कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे। मध्यप्रदेश शासन द्वारा भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य कुमार काश्यप, केंद्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, निर्यात संवर्धन परिषदों के प्रतिनिधि, उद्योग संगठनों के पदाधिकारी और प्रदेश के प्रमुख निर्यातक शामिल होंगे।
कॉन्क्लेव में मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के माध्यम से प्रदेश के निर्यातकों के लिए उपलब्ध नए अवसरों को साझा किया जायेगा और उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए व्यापार समझौतों के अंतर्गत भारतीय उत्पादों को मिलने वाली शुल्क रियायतों का लाभ प्रदेश के उद्यमियों तक पहुंचाने, निर्यात प्रक्रियाओं को समझने और नए व्यापारिक साझेदार विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके माध्यम से प्रदेश के औद्योगिक एवं कृषि आधारित उत्पादों के लिए संभावित अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की पहचान करने और निर्यात विस्तार की व्यावहारिक रणनीति पर पैनल में चर्चा की जाएगी।
महत्वपूर्ण पहलों से निर्यातकों को मिलेगी नई दिशा और सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव कॉन्क्लेव में प्रदेश के निर्यातकों को मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ दिलाने के लिए महत्वपूर्ण नवाचारों का शुभारंभ करेंगे। इनमें मध्यप्रदेश एफटीए कार्ययोजना 2026-27, मध्यप्रदेश एफटीए निर्यातक मार्गदर्शिका, मध्यप्रदेश एफटीए हेल्पडेस्क, एमपी ट्रेड पोर्टल का एफटीए मॉड्यूल और मध्यप्रदेश एफटीए एक्सेलेरेटर शामिल हैं।
एफटीए कार्ययोजना के माध्यम से प्रदेश के निर्यात विस्तार के लिए प्राथमिकता वाले उत्पादों, औद्योगिक क्लस्टरों और संभावित अंतर्राष्ट्रीय बाजारों की पहचान की जाएगी। निर्यातक मार्गदर्शिका में विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों, शुल्क रियायतों, उत्पादों की पात्रता और निर्यात प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध होगी। एफटीए हेल्पडेस्क निर्यातकों की जिज्ञासाओं और समस्याओं के समाधान में सहायता करेगा। एमपी ट्रेड पोर्टल के एफटीए मॉड्यूल से उत्पादवार व्यापार समझौतों और निर्यात अवसरों की डिजिटल जानकारी मिलेगी। वहीं, एफटीए एक्सेलेरेटर के माध्यम से उद्यमियों को प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रदेश के उद्योगों के निर्यात लक्ष्य और वैश्विक संभावनाओं पर होगी चर्चा
कॉन्क्लेव में आयोजित विशेष पैनल चर्चा में प्रदेश के प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के प्रतिनिधि निर्यात विस्तार की संभावनाओं और अपनी आवश्यकताओं पर विचार साझा करेंगे। इसमें वस्त्र एवं परिधान, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग एवं ऑटो कंपोनेंट्स, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा रसायन उद्योग के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उद्योग प्रतिनिधि वर्ष 2030 तक अपने-अपने क्षेत्रों के संभावित निर्यात लक्ष्य और उन्हें हासिल करने के लिए आवश्यक सहयोग एवं नीतिगत बदलावों के बारे में जानकारी देंगे।
इस चर्चा से प्राप्त सुझावों और उद्योगों की आवश्यकताओं को प्रदेश की एफटीए कार्ययोजना में शामिल करने के लिए संकलित किया जाएगा। इससे निर्यात संवर्धन की रणनीति को उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मदद मिलेगी।
निर्यात प्रोत्साहन मिशन और व्यापार समझौतों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी
कॉन्क्लेव में भारत सरकार के वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव द्वारा भारत के व्यापार समझौतों और राष्ट्रीय स्तर पर संचालित आउटरीच कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही विदेश व्यापार महानिदेशालय के संयुक्त महानिदेशक श्री अभिषेक शर्मा निर्यात प्रोत्साहन मिशन पर प्रस्तुति देंगे।
एक विशेष तकनीकी सत्र में ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए व्यापार समझौतों के अंतर्गत निर्यात कर चुके प्रदेश के उद्यमी अपने अनुभव साझा करेंगे। इसमें उत्पादों की पात्रता, उद्गम प्रमाण-पत्र, सीमा शुल्क प्रक्रिया, गुणवत्ता मानकों और अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों की आवश्यकताओं जैसे विषयों पर व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इससे प्रदेश के अन्य निर्यातकों को व्यापार समझौतों का लाभ लेने की प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी।
निर्यातकों को वित्तीय सहायता, बीमा और गुणवत्ता प्रमाणन की मिलेगी जानकारी
कॉन्क्लेव में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधि निर्यातकों को उपलब्ध सहायता सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके लिए विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी), निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी), कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (फियो), इंडिया पोस्ट, एक्जिम बैंक, कस्टम्स और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) सहित विभिन्न संस्थाओं के सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इन केंद्रों पर उद्यमियों को निर्यात संबंधी दस्तावेजी प्रक्रिया, वित्तीय सहायता, निर्यात ऋण बीमा, गुणवत्ता प्रमाणन, लॉजिस्टिक्स और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच से संबंधित मार्गदर्शन मिलेगा। साथ ही ट्रेड कनेक्ट पर तकनीकी प्रस्तुति के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी डिजिटल सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।














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