चार महीने की मुहिम लाई रंग, बाल श्रम के चंगुल से मुक्त हुईं सक्ती की 3 मासूम बालिकाएं

सक्ती 

 जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला सक्ती के द्वारा बालिकाओं के संरक्षण एवं उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की गई है। बिहार के आरा में बाल श्रम एवं शोषण की स्थिति में रह रही सक्ती जिले की तीन बालिकाओं को लगातार चार माह तक किए गए अथक प्रयासों के बाद सकुशल वापस जिला सक्ती लाया गया है।

जानकारी के अनुसार, जिले की उक्त तीन बालिकाएं बिहार के आरा में बाल श्रम में संलग्न थीं तथा उन्हें वहाँ शोषणपूर्ण परिस्थितियों में रखा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सक्ती के द्वारा बालिकाओं की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयास किए गए।

इस दौरान संबंधित विभागों एवं अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की गई। इस महत्वपूर्ण अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला सक्ती, पुलिस विभाग आरा (बिहार) एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सक्ती की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही।

सभी संबंधित विभागों के आपसी सहयोग, समन्वय और निरंतर प्रयासों से अंततः चार माह बाद तीनों बालिकाओं को बिहार से सुरक्षित जिला सक्ती (छ.ग.) वापस लाने में सफलता प्राप्त हुई। जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा बालिकाओं को बाल कल्याण समिति जिला सक्ती में प्रस्तुत करने के पश्चात उनकी सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए बालिकाओं के परिजनों से संपर्क कर सकुशल एवं सुरक्षित सुपुर्द किया गया।

चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सक्ती के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार

बालिकाओं की सुरक्षा, देखभाल, पुनर्वास एवं उनके बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा अभियान में सहयोग प्रदान करने वाले बिहार पुलिस विभाग आरा एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सक्ती के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

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जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चों को बाल श्रम, शोषण एवं अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों से मुक्त कराना तथा उन्हें सुरक्षित वातावरण एवं सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं बाल संरक्षण के लिए ऐसे प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे।

 

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