राजनांदगांव : सरदार पटेल के एकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का लिया संकल्प…

राजनांदगांव , देश की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने सरदार वल्लभ भाई पटेल ने दृढ़ इच्छा शक्ति और नेतृत्व का परिचय दिया। वह आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है, उनके विचारों से प्रेरणा लेकर सामाजिक एकता, सामूहिक विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प कुर्मी समाज ने लिया। पुराना विश्राम भवन में आयोजित जिला कुर्मी समाज की बैठक में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती मनाई। उनके जीवन संघर्ष, राष्ट्र निर्माण में योगदान और देश की रियासतों को एक करने में निभाई भूमिका पर वक्ताओं ने विचार रखे।

समाज के विकास, एकता बनाए रखने, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को विस्तार देने और आगामी आयोजनों को लेकर चर्चा की गई। जिला कुर्मी समाज के अध्यक्ष सुदेश देशमुख, रामनारायण चंद्राकर, सीपी देशमुख, नील चंद्राकर ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि पटेल जी का जीवन केवल राजनीतिक नेतृत्व की कहानी नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन, संगठन शक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण का उदाहरण है। सुदेश देशमुख, भूपेन्द्र चंद्राकर, रामनारायण चंद्रवंशी, चंद्रिका प्रसाद देशमुख, शत्रुहन बंछोर, नील चंद्राकर, बालकृष्ण बघेल, नरेन्द्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।

बड़ा लक्ष्य पाने संगठन सामूहिक प्रयास जरूरी पटेल जी ने स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका निभाई और आजादी के बाद देश को एकजुट करने की ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाई। उस दौर में भारत सैकड़ों रियासतों में बंटा था। ऐसे समय में अपनी राजनीतिक सूझबूझ, दृढ़ इच्छाशक्ति और कुशल रणनीति से रियासतों के एकीकरण का कठिन कार्य पूरा किया। इसी योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष और भारत की एकता के शिल्पकार के रूप में याद किया जाता है। पटेल जी का नेतृत्व आज भी प्रासंगिक है। उनका मानना था कि किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने संगठन, आपसी विश्वास जरूरी है।

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सामाजिक जिम्मेदारी की भावना होगी मजबूत वक्ताओं ने कहा समाज को भी आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुटता से आगे बढ़ना चाहिए। सामाजिक संगठन तभी मजबूत बनता है, जब उसके सदस्य व्यक्तिगत हितों के बजाय सामूहिक विकास को प्राथमिकता देते हैं। पटेल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में शिक्षा, संस्कार, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने की जरूरत है। बैठक में कुर्मी समाज को शासन की ओर से आवंटित भूमि के विषय पर चर्चा हुई। समाज के योगदान से भूमि आवंटन की प्रक्रिया और रजिस्ट्री का काम पूरा हो चुका है।

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