रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रायपुर सखी सेंटर महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। भटकती अवस्था के केस में वृद्ध महिला को थाने के माध्यम से 9 अक्टूबर 2020 को सखी में आश्रय के लिए लाया गया था। सखी सेंटर की टीम ने उसके घर का पता लगाकर परिजनों तक पहुंचाया। रायपुर सखी की प्रभारी प्रीति पाण्डेय ने बताया कि पीडि़ता ने बताया कि उसके पति नहीं है। परिवार में दो बेटे व दो बेटी है। पीडि़ता ने बताया कि उनके बेटे सब्जी बेचने का काम करते हैं। पीडि़ता अपने घर से क्यों निकली थी उनको याद नहीं है। पीडि़ता ने कहा कि वह बार-बार भूल जाती है। कॉउंसलिंग में पीडि़ता अपने बारे में ज्यादा कुछ नहीं बता पा रही थी। वह बार-बार खमतराई बोल रही थी। 10 अक्टूबर 2020 को सखी द्वारा खमतराई क्षेत्र में जाकर रेस्कयू किया गया। खमतराई क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर उन्होंने पीडि़ता को पहचान लिया और बताया कि पीडि़ता की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पीडि़ता का परिवार सब्जी बेचने का काम करता है। उन्होंने ही पीडि़ता के घर का पता बताया। जब सखी की टीम द्वारा पीडि़ता को लेकर उसके घर पहुंचे तब पीडि़ता के बेटे पीडि़ता की गुमशुदगी रिपोर्ट लिखाने थाने गए हुए थे। पीडि़ता को उसकी बहू के सुपुर्द किया गया। इस प्रकार सखी के प्रयास द्वारा एक वृद्ध महिला को उसके घर सकुशल छोड़ा गया।
