भोपाल, प्यारे मियां यौन शोषण के प्रकरण में गवाह पांच बच्चियों में से एक बच्ची की मौत हो जाने के बाद अन्य चार को घबराहट और बीपी हाई होने जैसी शिकायत हो रही है। इधर, इस मामले में संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय बाल आयोग की टीम बुधवार को भोपाल पहुंच गई है। टीम में राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो दोपहर तीन बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा करेंगे। इसके बाद बालिका गृह का निरीक्षण किया जाएगा।
इधर, नाबालिगों के बार-बार बीमार पड़ने के चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है इससे पूरे मामले में संदेह हो रहा है। इन बच्चियों को काउंसिलिंग देने के लिए पहले काउंसलर नियुक्त किया गया था। उनकी समझाइश के बाद भी बच्चियां जब नॉर्मल नहीं हो पा रही हैं तो उन्हें मनोचिकित्सक की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब मनोचिकित्सक उनके व्यवहार से लेकर उनके क्रियाकलापों पर निगाह रखते हुए उन्हें नार्मल रखने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि पीडि़त बालिकाएं एसआइटी और मजिस्ट्रियल जांच कर रहे अधिकारियों द्वारा पूछे जा रहे सवालों के सही से जवाब दे सकें।
बच्चियों को घर भेजने के मामले में आज हो सकता है निर्णय
परिवारजनों द्वारा चारों बच्चियों की कस्टडी मांगे जाने पर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) फैसला ले सकती है। गौरतलब है कि पांच में एक लड़की की बालिका गृह में प्रशासन की अभिरक्षा में रहने के दौरान मौत हो गई। इसके बाद बाकी बच्चियों के माता-पिता अपनी बेटी को घर ले जाने की मांग कर रहे हैं।
