राष्ट्र की अखंडता की रक्षा के लिए युद्ध में शहीद हुए सैनिकों के परिवार तथा अपाहिज हुए सैनिकों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए 7 दिसम्बर को सशस्त्र सेना झण्डा दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर कार ध्वज और टोकन ध्वज वितरित कर धनराशि एकत्रित कर प्राप्त राशि को समामेलित विशेष निधि में जमा किया जाता है। प्राप्त राशि को शहीद सैनिकों के परिवार, युद्ध में अपाहिज हुए सैनिकों के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए किया जाता है। राज्य शासन द्वारा इस वर्ष कांकेर जिले को 3 लाख 30 हजार रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य प्राप्ति के लिए कार ध्वज और टोकन ध्वज को कार्यालय कलेक्टर द्वारा सभी विभागों को वितरित किए जाएंगे।

जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन (भा.नौ) संजय शुक्ला एन.एम. (से.नि.) ने जिले के नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि हमारी सशस्त्र सेनाएं अपने शौर्य, कर्तव्य निष्ठा और कार्य कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करती आ रही है। उग्रवाद और आतंकवाद के भीतरी व बाहरी खतरों के समय उनके योगदान के लिए राष्ट्र उनका कृतज्ञ है। इस उद्यम को उदारता पूर्वक योगदान के जरिए सैनिकों के प्रति आभार प्रदर्शित करने का एक उत्तम अवसर है। इस अवसर पर उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि युद्ध में शहीद सैनिकों की विधवाओं, विकलांग रक्षा कर्मियों और पूर्व कर्मियों के पुनर्वास के इस नेक कार्य में स्वैच्छिक योगदान करें और सशस्त्र सेना झण्डा दिवस 7 दिसम्बर को सफल बनायें।

By kgnews

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