जबलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के मामलों को लेकर गंभीरता बरतने को कहा गया है। लगातार बढ़ रहे कानूनी मामलों से बेवजह विभाग परेशान है। कई मामलों में अवमानना प्रकरण भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में विभाग को शैक्षिक आर्हता एवं निर्धारित प्रतिशत के साथ पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले आवेदकों के आवेदन पर विचार करने को कहा है।
उप सचिव पीके सिंह स्कूल शिक्षा विभाग ने आयुक्त को लिखे पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा आयोजित सीटीईटी, अन्य राज्यों द्वारा आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा, मप्र राज्य द्वारा वर्ष 2011-12 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा उक्त में किसी भी एक परीक्षा को उत्तीर्ण करने वाले आवेदक के प्रकरण में पात्रता परीक्षा वैधता अवधि को संज्ञान में लिए बगैर केवल अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार किया जाएगा।
विभाग ने कहा कि प्रचलित भर्ती नियमों में निर्धारित शैक्षणिक आर्हता रखने वाले अध्यापक संवर्ग एवं नियमित शासकीय शिक्षक संवर्गीय दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को प्रयोगशाला शिक्षक के रिक्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जा सकती है। विभाग ने कहा कि विभागीय भर्ती नियम में प्रयोगशाला शिक्षक के पद पर नियुक्ति हेतु आर्हता में पात्रता परीक्षा का उल्लेख नहीं है अतः केवल प्रयोगशाला शिक्षक के रिक्त पद पर अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्रता परीक्षा चयन की शर्त को शिथिल किया गया हैै। विभाग ने कहा कि उनके पास अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े ढेरों मामले लंबित है। इन प्रकरणों का निराकरण नहीं होने के कारण बेवजह न्यायालयीन प्रकरण बढ़ रहे हैं। कई बार न्यायालयीन प्रकरणों में अवमानना प्रकरण भी बन रहे हैं।
