राजनांदगांव वन चेतना केंद्र मनगटा के जंगल सफारी से 200 चीतल प्रदेश के दूसरे अभयारण्य में भेजे जाएंगे। वर्तमान में वहां 600 से ज्यादा चीतल हो चुके हैं। नौ साल पहले जब सफारी को डवलप किया गया था तब चीतल की संख्या मात्र 200 थी। 375 हेक्टेयर में फैले वन चेतना केंद्र में मांसाहारी जानवरों का अभाव है। उनके अनुकूल जंगल क्षेत्र होने की वजह से चीतल की संख्या में काफी इजाफा हुआ। पिछले साल भी 109 चीतल अचानकमार अभयारण्य भेजे गए थे। अनुकूलता की वजह से यहां चीतल बढ़ रहे हैं। नए साल का जश्न मनाने की तैयारी भी यहां शुरू हो गई है। नए साल के लिए यहां के सारे रिजॉर्ट बुक हो चुके हैं। बताया गया कि इसके किराए के दाम भी दोगुने हो गए हैं।
