बिलासपुर के छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) के डॉक्टरों ने प्रदेश में पहली बार ऑर्थोमोर्फिक सर्जरी कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां के दंतरोग विभाग के डॉक्टरों की टीम ने 22 साल की युवती के जबड़े का जटिल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है। सर्जरी से युवती की अविकसित जबड़े की लंबाई और ऊंचाई बढ़ाई गई है।
बिल्हा के ग्राम दुर्जनपुर निवासी 22 वर्षीय युवती का बायां जबड़ा 12 साल की उम्र में अचानक धीरे-धीरे बंद हो गया, साथ ही नीचे और ऊपर का जबडा टेढ़ा होता चला गया। उसके दांतों का विकास और चेहरा भी बिगड़ गया। इसके चलते युवती हीन भावना से ग्रस्त हो गई। उम्र बढ़ने के साथ ही उसका चेहरा विकृत होने के कारण वह बहुत परेशान थी, लेकिन जब उसे पता चला कि सिम्स के दंत रोग विभाग में टेढ़े जबड़ों का इलाज किया जाता है, तब वह यहां अपनी समस्या लेकर पहुंची।
सिम्स में युवती की पूरी जांच की गई। सभी आवश्यक जांच, एक्सरे और चेहरे का 3डी सीटी स्कैन करने के बाद यह पता चला कि युवती का बाएं तरफ के ऊपर और नीचे का जबड़ा और ठुड्डी अविकसित है। उसे टीएमजे एंकीलोसिस है।
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