डोंगरगढ़ पालिका में योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्थानीय हितग्राहियों के पसीने छूट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर इन योजनाओं पर लगातार शिकायतों के बावजूद पालिका प्रशासन कि लचर व्यवस्था के कारण जिम्मेदारों पर कार्रवाई करना तो दूर पालिका के उच्च अधिकारी उनकी गलतियों को छुपाने में लगे हुए हैं।
इन दिनों पालिका में शहरी आवास योजना में भारी गड़बड़ी हो रही है। हितग्राही अपने किस्त के लिए प्रतिदिन पालिका के चक्कर लगा रहे हैं। परंतु उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकल रहा। केंद्र के द्वारा 2015 में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत शहर के 3500 हितग्राहियों को इसका लाभ मिलना था। परंतु विडंबना यह है कि 8 वर्ष बीत जाने के बाद भी मात्र 2200 हितग्राहियों के ही मकान पूर्ण रूप ले पाए हैं। 450 लोगों के मकान प्रगति पर है। 950 को अभी और इंतजार करना होगा।
केंद्र के द्वारा इस योजना को 2024 तक कैसे भी पूर्ण करवाना है। परन्तु ज़मीनी हकीकत में यह योजना इस साल तक पूर्ण हो जाए ऐसा लगता नहीं है। एक आंकड़े के मुताबिक डोंगरगढ़ पालिका के द्वारा हर वर्ष केवल 250 से 300 मकान ही बन पाए हैं। इन 11 माह में 1300 मकान कहीं से भी संभव नहीं लगता। वहीं दूसरी और इस योजना में लगातार भ्रष्टाचार कि शिकायतें उच्च अधिकारियों के लिए जांच का विषय बनती जा रही है।
