प्रदेश में कन्या प्रवेश उत्सव अभियान 7 मार्च से

भोपाल
मध्यप्रदेश में लड़कियों को शिक्षित करने के लिए शिवराज सरकार द्वारा नई तैयारी की गई है। इसके तहत शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दरअसल MP School छोड़ चुके बच्चियों को तलाश कर अब सरकार द्वारा उन्हें वापस से शिक्षा (Education) प्रदान करवाई जाएगी। इसके लिए सरकार ने तैयारी शुरू कर दी। वही इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग  को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

दरअसल स्कूल छोड़ चुकी बच्चियों को सरकार वापस से शिक्षा दिलाएगी। इसके लिए शिवराज सरकार द्वारा बड़ा फैसला लिया गया है। 11 से 14 वर्ष की ऐसी छात्राएं हैं, जिन्होंने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी है। उन्हें चिन्हित कर वापस स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश में कन्या प्रवेश उत्सव अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिसमें 11 से 14 साल की बच्चियों को एडमिशन कराया जाएगा। इसके लिए विभाग ड्रॉपआउट बालिकाओं की तलाश करेगा और वापस से उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया को पूरा करेगा।

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही साथ मध्यप्रदेश में शिक्षा को बीच में ही छोड़ सके। छात्र छात्राओं के लिए लगातार नई योजनाएं संचालित की जा रही है। बीते दिनों इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जहां बीच में पढ़ाई छोड़ चुके छात्रों को दोबारा से चिन्हित कर स्कूलों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया के बारे में कहा गया था।

वहीं अब 7 मार्च से मध्यप्रदेश में एक और बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहे। इस अभियान के तहत कन्या प्रवेश उत्सव अभियान को संचालित किया जाएगा। 7 मार्च से होने वाले इस अभियान में वैसी बच्चियां, जिन्होंने किसी भी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी है। उन्हें ढूंढ ढूंढ कर घर घर जाकर महिला बाल विकास उनकी पहचान करेगा और उन्हें वापस से स्कूल में दाखिला करवाएगा।

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इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी से लेकर स्कूलों से यह डाटा एकत्रित किया जाएगा। जिसके आधार पर बच्चियों की खोजबीन जारी की जाएगी। वह उन बच्चों तक विभाग के कर्मचारी अधिकारी पहुंचेंगे और परिवार से चर्चा के बाद उनका दाखिला करवाया जाएगा माना जा रहा है कि ऐसे लाख से अधिक छात्राएं है, जिन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बीच में ही छोड़ दी है।

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