जमीनी सच्चाईयों से रूबरू होना ही अनुभव का सबसे प्रभावी तरीका : राज्यपाल पटेल

भोपाल

     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि जमीनी सच्चाईयों से रूबरू होना ही अनुभव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने कहा कि उपलब्धियों की चमक के पीछे के कड़े परिश्रम और प्रयासों की जानकारी लेकर ही उनका अनुसरण किया जा सकता है।

     राज्यपाल पटेल आज राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय द्वारा आयोजित अध्ययन दल के सदस्यों से चर्चा कर रहे थे। दल में भारतीय और मित्र देशों के सैनिक, पुलिस और सिविल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

     राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश की सर्वाधिक अनुसूचित जनजातीय आबादी, प्रचुर वन, प्राकृतिक संसाधन, शांति प्रिय नागरिक और सांप्रदायिक सौहार्द मध्यप्रदेश की पहचान है। मध्यप्रदेश ऊर्जा उत्पादन में आत्म-निर्भर है। पेयजल आपूर्ति, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, खेलकूद, कृषि, ग्रामीण, शहरी विकास, उद्योग, सिंचाई सहित अधो-संरचना के सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रदेश को देश के स्वच्छ भारत सर्वेक्षण 2020-21 में तीसरा, इंदौर को पांचवीं बार पहला और भोपाल को स्वच्छ राजधानी का पहला पुरस्कार मिला है। नागरिकों की समस्याओं के ऑनलाइन समाधान के साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम को देश में लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान आंतरिक सुरक्षा, सामरिक व्यवस्थाओं को असरदार बनाने के प्रयासों पर पारस्परिक चिंतन किया जाए। आंतरिक सुरक्षा, शांति और व्यवस्था की बाधाओं और उनके समाधान के प्रयासों पर अनुभवों को भी आपस में अवश्य साझा करें।

     राज्यपाल को प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के संकाय सदस्य मेजर जनरल हरि बी. पिल्लई ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय द्वारा वर्ष 1960 में स्थापना के साथ ही प्रतिवर्ष भारत और मित्र देशों के लिए 47 हफ्तों का वार्षिक पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है। इस 62 वें प्रशिक्षण में 22 मित्र देशों सहित सेना और सिविल सेवा के 120 अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि 15 प्रतिभागियों के आठ दल देश के विभिन्न अंचलों का भ्रमण कर रहे हैं। मध्यप्रदेश के भ्रमण पर आये दल में भारतीय प्रतिभागियों के साथ ही कोरिया, श्रीलंका, ओमान और उज़्बेकिस्तान के अधिकारी शामिल हैं।

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     प्रशासन अकादमी की संचालक श्रीमती सोनाली पोंक्षे वायंगणकर ने बताया कि दल द्वारा भोपाल स्थित शौर्य स्मारक का भ्रमण कर लिया गया है। साँची, इंदौर और मंडला जिलों का भ्रमण किया जाना है। भ्रमण के दौरान दल के सदस्य प्रदेश में स्वच्छता, स्मार्ट सिटी, महिला स्व-सहायता समूह, अनुसूचित जनजाति और औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर का भ्रमण करेंगे।

 

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