रिश्वतखोर पटवारी को मिली चार साल की सजा

 सतना
 भ्रष्टाचारी और रिश्वतखोरी के आरोप के मामले में सुनवाई करते हुए सतना की विशेष अदालत ने पटवारी शीतल प्रसाद पाठक को चार वर्ष का सश्रम कारावास और चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। भ्रष्ट पटवारी को रीवा लोकायुक्त ने 25 सौ रुपये की रिश्वत लेते हुए छह साल पूर्व पकड़ा था जिसके बाद से इस मामले की सुनवाई न्यायालय में चल रही थी। अब जाकर पटवारी को भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत सजा सुनाई गई है।

यह है प्रकरण

लोकायुक्त रीवा में पंजीबद्ध भ्रष्टाचार के प्रकरण में माननीय विशेष न्यायालय सतना द्वारा 31 मार्च 2022 को पारित निर्णय में आरोपित शीतल प्रसाद पाठक पटवारी हल्काा नंबर 04 जनार्दनपुर एवं हल्काु नंबर 24 कर्मउ सर्किल रामपुर बघेलान जिला सतना को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में 3 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रुपये का अर्थदंड तथा धारा 13,(1) डी सहपठित 13 (दो) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में 4 वर्ष का सश्रम कारावास व 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

शीतल प्रसाद पाठक को 11 मई 2016 को शिकायतकर्ता बृजनन्ददन प्रसाद द्विवेदी से उसके पारिवारिक जमीन के संबंध में आपसी फाट फुल्लीप बनाकर ऋण पुस्तिका बनाने के लिए 5000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। जिसमें से 1500 रुपए आरोपित पटवारी ने चर्चा के दौरान ले लिया था और शेष बची हुई 3500 रुपये के स्था न पर 2500 रुपये रिश्वत लेते हुए वह रंगे हाथ पकड़ा गया था। इस मामले में विशेष न्यायालय सतना द्वारा 31 मार्च को निर्णय पारित किया गया है।

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