भोपाल
पूर्वी मध्य प्रदेश पर बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश के कई शहरों में भारी वर्षा हुई। जिसके चलते दमोह, सिवनी, सागर जिले में बाढ़ जैसे हालात बन गए। हालांकि कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़कर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बनने के साथ ही झारखंड की तरफ चला गया है। इस वजह से मध्य प्रदेश में अब भारी वर्षा होने की संभावना नहीं है।

ग्वालियर, चंबल संभाग में मध्यम बारिश
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक मानसून द्रोणिका के मध्य प्रदेश में बने रहने और अलग-अलग बनी तीन अन्य मौसम प्रणालियों के असर से जबलपुर, सागर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम वर्षा हो सकती है। झारखंड के ऊपर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। सौराष्ट्र के पास भी हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात है। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक मानसून द्रोणिका ग्वालियर, सीधी, झारखंड से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। महाराष्ट्र के आसपास विपरीत दिशा की हवाओं का सम्मिलन बना हुआ है। इसके अतिरिक्त गुजरात से लेकर केरल तक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।

गरज-चमक के साथ पड़ेंगी हल्की बौछारें
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि पूर्वी मध्य प्रदेश पर बना कम दबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ने के बाद झारखंड चला गया है। इस वजह से अब मध्य प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मानसून द्रोणिका के मध्य प्रदेश में बने रहने के कारण जबलपुर, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं मध्यम वर्षा हो सकती है। शेष क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
 
बीते 24 घंटे में बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान तक दमोह में 190, सिवनी में 146.8, सागर में 142.8, मंडला में 71.1, नरसिंहपुर में 62, पचमढ़ी में 60.6, जबलपुर में 58.6, उमरिया में 52.4, गुना में 37.6, छिंदवाड़ा में 34.8, मलाजखंड में 29, नर्मदापुरम में 24.6, भोपाल में 23.1, बैतूल में 13.6, ग्वालियर में 9.8, नौगांव में 9.4, शिवपुरी में नौ, रायसेन एवं खंडवा में सात, टीकमगढ़ में पांच, खजुराहो में 3.8, खरगोन में 1.8, रतलाम एवं उज्जैन में एक, धार एवं इंदौर में 0.3 मिलीमीटर वर्षा हुई।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *