सतना
दीपावली की देश भर में धूम रही और हर जगह अपने ही अंदाज में त्योहार मनाया जा रहा है। इस बीच अपनी लोकसंस्कृति के लिए बघेलखंड का विख्यात  अहीर नृत्य की धूम देखने को मिली। ढोल और नगरिया की थाप पर नाचते लोक कलाकारों ने सबका मन मोह लिया। दिवाली के अगले दिन इस नृत्य के आयोजन की परंपरा है।  अहीर नृत्य करने वाले सिर पर मोर पंख बांधे और झालरदार मुकुट पीले वस्त्र पहने होते हैं और आपस में ढोल-नगाड़े की थाप पर नाचते हैं।

भगवान कृष्ण की भक्ति का अनूठा अंदाज
सतना जिले के कोटर तहसील के  बिहरा क्रमांक 1 के बालखंडी देवी परिसर में सोमवार को दिवारी नृत्य का आयोजन था। ग्रामीणों ने कहा कि यह परंपरा हजारों सालों से चली आ रही है और इस नृत्य का आयोजन गोवर्धन पूजा के दिन होता रहा है। इसे गोवर्धन पर्वत उठाने के बाद भगवान कृष्ण की भक्ति में प्रकृति पूजन परंपरा के तौर पर मनाया जाता है, जिसमें दिवारी गीत शामिल होते हैं। दिवारी नृत्य करने वालों की टोली  नृत्य करती है।

भारतीय संस्कृति की परंपरा को जीवित रखने मंच की कमी नहीं होने देगे  : रवि प्रताप
दीपावली को लेकर जहां देश भर में हर्षोल्लास का माहौल रहा वहीं लोक कलाओं की धूम रही। ग्राम पंचायत बिहरा के बालखंडी देवी प्रांगण में यादव समाज द्वारा देवरिया नृत्य किया गया जिसको  देखने आसपास के कई गावों के लोगों का हुजूम उमड़ा बघेल खंड में दीपावली के शुभ अवसर पर इस नृत्य की धूम रहती हैं वहीं इसको अन्य  क्षेत्रों में गहिरा नृत्य, धनगर नृत्य आदि नामों से जाना जाता है। वहीं हर साल की भांति इस वर्ष भी अहीर समाज के कलाकारों ने अपनी कला से लोगों का मन मोह लिया।  

कार्यक्रम में बिहरा सरपंच रवि प्रताप सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजन से लोक संस्कृति की यादें ताजा हो जाती हैं। वही भारतीय संस्कृति की परंपरा को जीवित रखने के लिए मंच की कमी नहीं होने देंगे हर संभव मदद बिहरा पंचायत की ओर से की जायेगी। कार्यक्रम में इंजीनियर शिवपाल सिंह,किसान मोर्चा के मंडल प्रभारी रामरूप साकेत व वरिष्ठ कांग्रेस नेता जग्गू शुक्ला गुलाब सिंह शिव बालक शुक्ला छत्रपाल सिंह देवसुंदर तिवारी महेश गुप्ता वीरेंद्र सिंह बहोरी हरिजन नागेन्द्र गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

By kgnews

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