CG : करंट से मगरमच्छ की मौत, तालाब मालिक गिरफ्तार …
बिलासपुर। रतनपुर वन परिक्षेत्र के पचरा गांव में तालाब मालिक दो सगे भाइयों ने मगरमच्छ की करंट लगाकर मारा है। दरअसल वह तालाब में मछलियों को पालन करते हैं। मगरमच्छ मछलियों को खा जाता था। मगरमच्छ अनुसूची-एक का संरक्षित वन्यजीव है। शिकार का मामला सामने आने पर वन विभाग ने जांच शुरू की, जिसमें दोनों भाइयों की संलिप्तता उजागर हुई। आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
घटना मंगलवार की है। चांपी जलाशय के डूबान क्षेत्र अंतर्गत पचरा गांव के एक तालाब में मगरमच्छ मृत मिला। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और मृत मगरमच्छ को बाहर निकाला गया। पोस्टमार्टम के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उसकी मौत प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि विद्युत करंट लगने से हुई थी। पोस्टमार्टम कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डा. पीके चंदन ने किया। मृत्यु विद्युत करंट लगने के कारण होने की पुष्टि होने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2(16) (ख), 9, 50 एवं 51 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की। मुख्य वन संरक्षक मनोज पांडेय व वनमंडलाधिकारी नीरज के मार्गदर्शन में वन विभाग की टीम ने घटनास्थल की बारीकी से निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों और मुखबिरों से लगातार जानकारी जुटाई।
जांच में सामने आया कि गांव के दो सगे भाई केवल दास मानिकपुरी व कंवल दास मानिकपुरी तालाब में मछली पालन का काम करते हैं। मगरमच्छ द्वारा मछलियां खाने से परेशान होकर उसे मारने की योजना बनाई थी। आरोपितों ने तालाब के किनारे लकड़ी के खूंटे लगाकर उसमें लगभग 100 मीटर से अधिक लंबा विद्युत तार बिछा दिया, जिससे तालाब का पानी करंट की चपेट में आ गया। इसी दौरान मगरमच्छ करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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