गरियाबंद. जिले में घटिया सड़क निर्माण ने एक युवक की जान ले ली. निर्माण के दौरान डामर उखड़ी तो सड़क मरम्मत के लिए बीच सड़क में ढेर किए गए कंक्रीट से टकराकर 20 वर्षीय आदिवासी युवक की मौके पर ही मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने मृतक को ही आरोपी बना दिया है. परिजनों की मांग है कि मरम्मत के सामान बीच सड़क में लापरवाही पूर्वक रखी गई है. मौत के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. बता दें कि 15 अक्टूबर को लल्लूराम डॉट कॉम ने इस घटिया सड़क की पोल खोली थी, फिर भी जिम्मेदार अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की.
दरअसल खोखमा से घुमरापदर मार्ग में पीएमजीएस वाय विभाग द्वारा बनाई गई सड़क सालभर में ही उखड़नी शुरू हो गई है. मूढ़गेलमाल के समीप सड़क के गढ्ढे पाटने बीच सड़क में कंक्रीट इकठ्ठा कर दिया गया था. कंक्रीट के इसी ढेर से 25 जनवरी को कुहिमाल निवासी 20 वर्षीय जयसिंह सोरी की बाइक टकरा गई. सर में गंभीर चोट के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई. परिजनों की सूचना पर अमलीपदर पुलिस मौके पर पहुंची. पंचनामा भी किया और मामले में मृतक चालक के खिलाफ ही लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज कर लिया.

मृतक आदिवासी युवक

मृतक के पिता खेमसिंह सोरी, चाचा भोजराज सोरी ने कहा कि घटिया सड़क बनाया गया, जो किसी काम का नहीं है. अब मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है. मरम्मत की सामग्री भी लापरवाही पूर्वक बीच सड़क में ठेकेदार ने रखा है. ठेकेदार की लापरवाही के कारण हमारे घर के इकलौते चिराग की मौत हुई है. दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. इस मामले में अमलीपदर थाना उपनिरीक्षक प्रकाश जांगड़े ने कहा कि मामले की जांच जारी है. तथ्य के आधार पर जो भी बाते आएंगे उच्च अधिकारियों से सलाह लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

घुमरापदर से खोखमा सड़क कुल 23.38 किमी लंबी है. 2019 में काम की मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क विभाग ने मैसर्स फारुख वारसी से 6 जुलाई 2020 को काम का अनुबंध किया था. पहले 18 माह की अवधि के भीतर काम करना था, लेकिन निर्माण कार्य में देरी हुई तो पेनाल्टी लगाकर कार्य की अवधि को 31 मार्च 2023 तक पूर्ण करने की मियाद दी गई. ठेका कंपनी ने इस अवधि में भी काम पूरा नहीं किया. निर्माण के दरम्यान लगातार गुणवत्ता हीन कार्य का आरोप लगता रहा. 14 अक्टूबर 2023 को घुमरापदर के ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को रोक जमकर हंगामा भी किया था, क्योंकि सड़क में बिछाए गए डामर 24 घंटे में ही उखड़ना शुरू हो गया था.
भाजपा के जिला अध्यक्ष माखन कश्यप ने राजधानी से लेकर दिल्ली तक इस सड़क निर्माण गुणवत्ता दरकिनार की शिकायत की. हैरानी की बात है कि जांच भी हुई और गलती नजर नहीं आया. आरोप था कि डब्लूबीएम कार्य कर महीनों तक छोड़ दिया गया था. बीटी कार्य के समय सड़क में जमे रेत को नहीं हटाया गया, ना ही प्राइमर मारा गया. इसी वजह से सड़क की डामर बनते बनते उखड़ने लगा. माखन का आरोप है कि विभाग की मिलीभगत के चलते सड़क बनने के कुछ माह बाद ही उखड़ने लगा. अभी सड़को में जगह-जगह गढ्ढे हो गए हैं. डब्लूबीएम वर्क में अर्थ वर्क सही नहीं करने के कारण सड़के कई जगह दब गई है. अब मरम्मत कार्य में भी घोर लापरवाही बरता जा रहा है.
इस मामले में पीएमजीएसवाय विभाग के एसडीओ कमलेश चंद्राकर ने कहा कि 16 करोड़ के बजाए काम 12.92 करोड़ में पूरा किया गया है. हमने शासन का पैसा बचाया है. काम मापदंड के अनुरूप हुआ है. मेंटनेंस अवधि में है, मरम्मत कराया जा रहा है.
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