रायपुर। छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ता देने का आदेश 12 जनवरी 2026 को जारी किया था। इस आदेश के बाद पेंशनरों को भी महंगाई राहत (डीआर) देने हेतु 9 फरवरी 2026 को मध्यप्रदेश शासन से सहमति के लिए प्रस्ताव भेजा गया। वीरेन्द्र नामदेव ने आगे बताया कि उक्त प्रस्ताव पर कल, 23 मार्च 2026 को मध्यप्रदेश कैबिनेट ने सहमति प्रदान कर दी है। इस सहमति के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ सरकार भी एक-दो दिनों में राज्य के पेंशनरों के लिए 3% महंगाई राहत (डीआर) देने का आदेश जारी कर देगी।

भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के छत्तीसगढ़ राज्य पदाधिकारी इस दिशा में सक्रिय हैं। इनमें भूपेन्द्र कुमार वर्मा (दुर्ग), द्रौपदी यादव (पत्थलगांव जशपुर), रामनारायण ताटी (जगदलपुर), कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश संगठन मंत्री टी पी सिंह, कोषाध्यक्ष बी एस दसमेर और अन्य प्रमुख अधिकारी शामिल हैं। रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर, सुकमा, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, महासमुंद, गरियाबंद, कोरबा, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, मुंगेली और अन्य जिलों के पदाधिकारी भी इस मांग में सक्रिय रूप से शामिल हैं। मीडिया से बात करते हुए महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पेंशनरों के लिए महंगाई राहत का आदेश तुरंत जारी होना आवश्यक है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से अपील की कि राज्य के सेवानिवृत्त कर्मचारियों और दैनिक वेतन भोगी पेंशनरों को 3% महंगाई भत्ता तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

इससे पेंशनरों को जीवनयापन में राहत मिलेगी और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। पेंशनर्स महासंघ ने यह भी स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 (6) के तहत पेंशनरों को समान अधिकार प्राप्त हैं, और राज्य सरकार की तरफ से इस दिशा में तेजी से कार्रवाई होना चाहिए। महासंघ के सदस्यों का कहना है कि पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ता, जीवन की आवश्यकताओं और आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि महासंघ लगातार राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर पेंशनरों के हितों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के आदेश के तुरंत बाद सभी पेंशनरों के खाते में महंगाई भत्ता जमा किया जाएगा। इससे पेंशनरों को उनके खर्चों और दैनिक आवश्यकताओं के लिए आर्थिक सहयोग मिलेगा।

महासंघ ने छत्तीसगढ़ सरकार से आग्रह किया है कि पेंशनरों की लंबित मांगों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से नियमित समीक्षा और अपडेट के माध्यम से पेंशनर्स को समय पर भत्ता सुनिश्चित किया जाना चाहिए। प्रदेश के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी भी इस दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार को ज्ञापन और प्रस्ताव भेज चुके हैं। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स के हितों की सुरक्षा और महंगाई भत्ता समय पर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। महासंघ का कहना है कि यदि आदेश में किसी भी प्रकार की देरी होती है, तो वह आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। इस प्रकार, मध्यप्रदेश कैबिनेट की सहमति और छत्तीसगढ़ सरकार से आदेश जारी होने की प्रतीक्षा में पेंशनरों के बीच उत्सुकता और उम्मीद बनी हुई है। राज्य के पेंशनर्स को 3% महंगाई राहत मिलने से उनकी आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और जीवनयापन में सहजता आएगी।

By kgnews

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