जांजगीर। जिले के शिवरीनारायण में 12 फरवरी से माघी पूर्णिमा के अवसर पर 15 दिवसीय विशाल मेला शुरू होने जा रहा है। यह मेला छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा और प्राचीन मेला माना जाता है, जो हर साल भक्तों के लिए एक खास धार्मिक महत्व रखता है। इस बार मेला आयोजित करने के लिए पूरी तैयारी की जा चुकी है, और झूले, दुकानें तथा विभिन्न मनोरंजन की व्यवस्था भी शुरू हो गई है। मेला स्थल पर भक्तों और पर्यटकों का उत्साह साफ देखा जा सकता है, और लोग साल भर इस मेले का इंतजार करते हैं।
माघी पूर्णिमा को लेकर शिवरीनारायण में विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं, क्योंकि इसे भगवान जगन्नाथ से जुड़ा हुआ माना जाता है। मान्यता है कि माघी पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ, जो पुरी के मूल स्थान से जुड़े हैं, शिवरीनारायण में विराजते हैं। इस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु शिवरीनारायण के त्रिवेणी संगम में स्नान करने के लिए पहुंचते हैं। संगम के पानी को पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसे पवित्र गंगा के समान माना जाता है।
35 हजार से अधिक छात्रों, प्राध्यापकों ने सामूहिक योग कर बनाया विश्व रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेन्द्र…
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: सहायता राशि से आसान हुई खेती करूहानार के चुन्नूलाल साहू को…
नैनो उर्वरकों के उपयोग से बेहतर उत्पादन और मृदा स्वास्थ्य को मिल रहा बढ़ावा-कृषक छेदीलाल…
तकनीक आधारित शिक्षा से विद्यार्थियों को मिलेंगे नए अवसर : उच्च शिक्षा मंत्री परमार उच्च…
समितियों और निजी विक्रेताओं के पास खाद का पर्याप्त भंडार, किसानों को निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित…
रामाराम जलाशय योजना के जीर्णाेद्धार के लिए 1.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किसानों को 69 हेक्टेयर…