रायपुर। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए 17 और 18 अप्रैल को बड़े फैसले लिए हैं। एसोसिएशन के मुताबिक, 1 मार्च से शुरू हुए असहयोग आंदोलन के तहत पहले ही निर्णय लिया गया था कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लॉटरी के माध्यम से वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
आज 18 अप्रैल को प्राइवेट स्कूल रहेंगे बंद अब 14 अप्रैल को हुई प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में दो अहम निर्णय लिए गए हैं। आज 18 अप्रैल (शनिवार) को प्रदेश के सभी निजी स्कूल पूरी तरह बंद है। एसोसिएशन ने इसकी जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री को दे दी है। साथ ही मांग की है कि स्कूल शिक्षा विभाग इस साल शासकीय स्कूलों में प्रति छात्र होने वाले खर्च को सार्वजनिक करे, ताकि RTE के तहत निजी स्कूलों को मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि का सही निर्धारण हो सके। एसोसिएशन का कहना है कि, प्रतिपूर्ति राशि का पुनर्निर्धारण साल 2011 से अब तक नहीं किया गया है, जिससे निजी स्कूलों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और सचिव मोती जैन ने सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
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