CG : कांकेर-नारायणपुर सीमा पर नक्सलियों के डंप का भंडाफोड़
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। थाना कोयलीबेड़ा क्षेत्र में कांकेर-नारायणपुर सीमा पर स्थित ग्राम आलपरस और गुमचुर के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में चलाए गए संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान नक्सलियों के एक डम्प का पता लगाया गया। यहां से दो 303 रायफल, कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नक्सली वर्दी और साहित्य सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत डीआरजी, बीएसएफ और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) की संयुक्त टीम ने की। सुरक्षा बल लगातार सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों में सर्चिंग अभियान चला रहे हैं ताकि नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चल रहा अभियान यह अभियान बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है।
अभियान की निगरानी डीआईजी बीएसएफ भानुप्रतापपुर दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा तथा 40वीं वाहिनी बीएसएफ कोयलीबेड़ा के द्वितीय कमान अधिकारी नरेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में की गई। अधिकारियों के अनुसार नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार संयुक्त अभियान चलाकर नक्सलियों के ठिकानों, डम्प और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। डम्प से हथियार और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद 11 जुलाई 2026 को ग्राम आलपरस और गुमचुर के मध्य जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को छिपाकर रखा गया नक्सली डम्प मिला। तलाशी के दौरान वहां से कई हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई। बरामद सामग्री में शामिल हैं: 303 रायफल – 2 नग 303 रायफल के 32 राउंड लैपटॉप – 1 टैबलेट – 1 वायरलेस बैटरी – 3 रेडियो सेट – 1 नक्सली वर्दी – 2 पाउच – 5 चार्जर – 2 बैटरी – 1 नक्सली साहित्य एवं अन्य सामग्री पुलिस का मानना है कि यह सामग्री नक्सलियों द्वारा भविष्य की गतिविधियों के लिए छिपाकर रखी गई थी।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी कांकेर पुलिस ने बताया कि कांकेर और नारायणपुर की सीमा लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र रही है। ऐसे में सुरक्षा बलों द्वारा जंगलों और दुर्गम इलाकों में लगातार गश्त और सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार अभियान का उद्देश्य नक्सलियों के हथियारों के भंडार को नष्ट करना, उनकी रसद व्यवस्था को कमजोर करना और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन अधिकारियों के नेतृत्व में हुई कार्रवाई संयुक्त अभियान में बीएसएफ, डीआरजी और स्थानीय पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों ने हिस्सा लिया।
अभियान का नेतृत्व निम्न अधिकारियों ने किया: अंकुश कुमार, सहायक कमांडेंट, बीएसएफ 40वीं वाहिनी निर्मल जांगड़े, निरीक्षक एवं थाना प्रभारी कोयलीबेड़ा अनुज कुमार, इंस्पेक्टर, बीएसएफ 40वीं वाहिनी नवीन प्रकाश, उप निरीक्षक, बीएसएफ 40वीं वाहिनी सौरभ यादव, उप निरीक्षक, बीएसएफ 40वीं वाहिनी नरेंद्र नेताम, सहायक उप निरीक्षक, डीआरजी टीम कमांडर संयुक्त टीम ने दुर्गम जंगलों में अभियान चलाकर नक्सली डम्प का पता लगाया और सामग्री सुरक्षित जब्त की। नक्सल उन्मूलन अभियान रहेगा जारी कांकेर पुलिस ने कहा है कि नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा।
जंगलों और पहाड़ी इलाकों में नियमित सर्चिंग, खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई तथा नक्सलियों के ठिकानों पर दबाव बनाए रखने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण बनाए रखने के लिए पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं। नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी इसी तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
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