बिलासपुर । नगरीय निकात चुनाव में पार्टी  प्रत्याशियों के खिलाफ काम करने के आरोप में पार्टी से निष्कासित की कार्रवाई पर कांग्रेस में मचे बवाल की जांच के लिए गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने निष्कासित नेताओं से उनका पक्ष जाना।

कमेटी ने बंद कमरे में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारीयों एवं निष्कासित नेताओं से चर्चा की। जिला  कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने कमेटी के समक्ष निष्कासित नेताओं के खिलाफ वीडियो, फोटोग्राफ समेत अन्य सबूत प्रस्तुत किए। वहीं पार्टी से बाहर किए गए नेताओं ने खुद को निर्दोष बताते हुए अपना पक्ष रखा।

पीसीसी द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग टीम के संयोजक धनेंद्र साहू, सदस्य अरुण वोरा व महेंद्र छाबड़ा के समक्ष अपनी बात रखने वालों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रवक्ता अभय नारायण राय, प्रदेश सचिव त्रिलोक श्रीवास, महिला कांग्रेस की पूर्व शहर अध्यक्ष सीमा पांडे प्रमुख रूप से शामिल थे। इसके अलावा जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्य राजेंद्र धीवर, राजेंद्र शुक्ला, अंकित गौराहा, झगर राम सूर्यवंशी, भुनेश्वर यादव समेत अन्य नेताओं ने भी उनसे मुलाकात की।

संगठन की ओर से पक्ष रखने वालों में जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केसरवानी, शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय पांडे, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जावेद मेमन ,विनोद साहू अरविंद शुक्ला आदि शामिल थे। वही कोटा के विधायक अटल श्रीवास्तव द्वारा कांग्रेस जिलाध्यक्ष खिलाफ चपरासी वाली टिप्पणी के मामले की भी जांच यह टीम करेगी।

कमेटी जल्द ही सभी पक्षों से बातचीत कर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी। इस प्रक्रिया के तहत सभी प्रासंगिक दस्तावेज और सबूतों की भी समीक्षा की जा रही है। कोटा विधायक आज राजधानी में थे इसलिए उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।

फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के संयोजक धनेंद्र साहू ने बताया कि कमेटी ने निष्कासित नेताओं से बंद कमरे में चर्चा कर उनका पक्ष सुना है। इसके साथ ही जिला संगठन के पदाधिकारियों से निष्कासन के पीछे की वजहों और प्रस्तुत सबूतों, जैसे उम्मीदवारों द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटोग्राफ्स, की विस्तृत जानकारी ली गई है। उन्होंने स्पष्ट  किया कि कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *