रायपुर। राजधानी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में भीषण आग लगने की घटना सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग लगने के बाद विश्वविद्यालय परिसर और हॉस्टल में कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे छात्रों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, आग विश्वविद्यालय के कृषि परीक्षण से जुड़े क्षेत्र में लगी, जहां कई एकड़ में फैली फसलों और प्रयोगात्मक खेती को भारी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक इस घटना में लगभग 20 लाख रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि आधिकारिक आंकड़े जांच के बाद सामने आएंगे। घटना के बाद विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों और मौजूद छात्रों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलती गई और उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। काफी देर तक प्रयास करने के बावजूद आग नियंत्रित नहीं हो सकी। सूत्रों के अनुसार, दमकल विभाग को सूचना देने में देरी की गई, जिससे आग और अधिक फैल गई। बताया जा रहा है कि शुरुआती समय में आग को छिपाने या मामला दबाने की कोशिश की गई, जिसके कारण फायर ब्रिगेड की टीम देर से मौके पर पहुंची।
जब आग विकराल रूप लेने लगी, तब दमकल विभाग को सूचना दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंची दो दमकल गाड़ियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद ही राहत की स्थिति बन सकी। घटना के समय विश्वविद्यालय के कई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे सुरक्षा और आपात व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और छात्रों ने प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।
प्राथमिक जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी। तेलीबांधा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके का निरीक्षण किया है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नुकसान का आकलन करने और घटना की जांच के लिए एक समिति गठित करने की बात कही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया गया है। यह घटना न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनी है, बल्कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।





