सक्ती । जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता थर्मल पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे की जांच अब तेज हो गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट्रल पावर रिसर्च सेंटर CPRC के अफसरों की टीम जांच के लिए प्लांट पहुंची। ज्वाइंट डायरेक्टर प्रफुल्ल चंद्र डोंगरे के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने सुबह से लेकर देर शाम तक प्लांट परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी पहलुओं की गहन पड़ताल की।
टीम ने दुर्घटनास्थल का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए पाइपलाइन, मशीनरी और उत्पादन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच की। इसके साथ ही मेंटेनेंस और प्रोडक्शन से संबंधित पुराने डेटा को भी खंगाला गया, ताकि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। बताया जा रहा है कि विशेषज्ञ पुराने रिकॉर्ड और तकनीकी आंकड़ों के आधार पर हादसे की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
14 अप्रैल को वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर पाइप फटने से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे। इनमें से अब तक 23 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनभर से अधिक घायल मजदूरों का इलाज खरसिया, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर के विभिन्न अस्पतालों में जारी है। घायलों की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है।

