कोरिया । सेरब्रिल पाल्सी से ग्रसित बच्चों को प्रारंभिक स्टेज में पहचानने एवं डी.के.एस. अस्पताल, रायपुर में समुचित रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों।कर्मचारियों,आर.बी.एस. के टीम एवं फिल्ड वर्कर्स का प्रशिक्षण जिला पंचायत के सभाकक्ष में 31 अगस्त को दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक डी.के.एस. पी.जी.आई. एवं आर.सी. रायपुर के डॉ. रमन श्रीवास्तव एवं डॉ. हेमंत शर्मा के नेतृत्व में सेरब्रिल पाल्सी से ग्रसित बच्चों को प्रारंभिक स्टेज में पहचानने एवं डी.के.एस. अस्पताल में समुचित रेफरल व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों, आर.बी.एस. की टीम एवं फील्ड वर्कर्स का प्रशिक्षण सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया गया है। उक्त प्रशिक्षण में जिला चिकित्सालय से शिशु रोग विशेषज्ञ एवं फिजियोथेरिपिस्ट, समस्त विकासखण्ड से मितानिन प्रशिक्षिका, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, चिरायु टीम तथा प्रत्येक विकासखण्ड से दो चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही इसी दिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक दिव्यांग व्यक्तियों की पहचान कर बैकुंठपुर जिला अस्पताल में दिव्यांगता स्क्रीनिंग शिविर का भी आयोजन किया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य सी.पी. के बच्चों को स्क्रीनिंग करके समय-सीमा में इलाज हेतु जागरूक करना एवं उनके जीवन स्तर को सुधारना है ताकि सेरिब्रल पाल्सी से ग्रसित बच्चों को समय पर पहचान कर समुचित इलाज उपलब्ध कराया जा सके, जिससे कि वे निजी जीवन के निर्वहन में सक्षम हो सके एवं उन्हें कॉम्प्लिकेशन में जाने से बचाया जा सके।
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