बलरामपुर । जिला चिकित्सालय में भोजन और साफ-सफाई के लिए जारी की गई निविदा प्रक्रिया विवादों के घेरे में आ गई है. महिला स्व-सहायता समूह ने अनियमितता और पक्षपात का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से स्वीकृत निविदा को निरस्त कर पुन: जारी करने की मांग की है. महिला समूह ने कलेक्टर को दी गई लिखित शिकायत में बताया कि कोरोना काल के दौरान संक्रमण के खतरे के बीच जान जोखिम में डालकर देशहित में काम किया है.
उस दौरान कई महिलाएं कोरोना संक्रमण का शिकार भी हुईं. समूह ने बताया कि उस वक्त निविदा की राशि काफी कम थी, लेकिन वर्तमान में राशि बढ़ जाने के कारण स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह को दरकिनार कर बाहरी ठेकेदारों को साफ-सफाई का कार्य देने का षड़यंत्र रचा जा रहा है. इसमें अस्पताल प्रशासन की ठेकेदारों से मिलीभगत भी है.
इसके साथ जिला चिकित्सालय में भोजन के लिए जारी निविदा में भी त्रुटि और पक्षपात का आरोप लगाते हुए महिला स्व-सहायता समूह ने बताया कि निविदा खोलने के लिए निर्धारित शाम 4 बजे की बजाए रात 11 बजे तक कार्रवाई की गई, जिससे पूर्व नियोजित महिला समूह को निविदा दी जा सके.
वहीं निविदा के नियम में स्पष्ट तौर पर जीवित पंजीयन का उल्लेख होने के बावजूद जीवित पंजीयन संलग्न नहीं होने के बाद भी पूर्व नियोजित महिला समूह को निविदा प्रदान की गई. इस पर स्वीकृत निविदा को रद्द कर नए सिरे से निविदा जारी करने की मांग की गई है.
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