बिलासपुर । विश्व पृथ्वी दिवस पर विवेकानंद उद्यान, सिम्स चौक में आयोजित भव्य फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता 2026 उत्साह और पर्यावरण जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुई। पर्यावरण एवं पर्यटन विकास समिति, बिलासपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने प्रकृति संरक्षण को लेकर रचनात्मक प्रस्तुतियां दीं, वहीं समाज में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर पूजा विधानी, अध्यक्षता डॉ. विनय कुमार पाठक तथा विशेष अतिथि के रूप में डॉ. राघवेन्द्र कुमार दुबे, डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव और डॉ. विष्णु कुमार तिवारी उपस्थित रहे। समिति के अध्यक्ष डॉ. विवेक तिवारी ने आयोजन को बच्चों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
नन्हे कवियों ने बिखेरा शब्दों का जादू
इस आयोजन की सबसे खास झलक रही दो नन्हे कवियों का सम्मान, जिन्होंने अपनी रचनाओं से सभी का दिल जीत लिया। अनाया शुक्ला (9 वर्ष) को उनकी स्वरचित कविता “वृक्ष हमारा प्राण सखी” के लिए सम्मानित किया गया। उनकी कविता में प्रकृति और जीवन के गहरे संबंध को बेहद सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
वहीं अमोघ शुक्ला (7 वर्ष) ने “एक वृक्ष लगाओ” कविता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। उनकी मासूम लेकिन सार्थक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
दोनों नन्हे कवियों को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जहां उपस्थित अतिथियों ने उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
बच्चों ने दिया पर्यावरण बचाने का संदेश
फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों ने जल संरक्षण, वन्य जीवन और हरित पृथ्वी जैसे विषयों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। विभिन्न आयु वर्गों में आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रियांश राज, शौर्या सिन्हा, सनाया सिन्हा, मायशा, तृप्ति राज, अनाया शुक्ला, अमोघ शुक्ला, आद्या पाण्डेय और मयांश सहित कई प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
स्वच्छता योद्धाओं का भी हुआ सम्मान
कार्यक्रम में रतनपुर के ऐतिहासिक दुलहरा सरोवर में स्वच्छता अभियान चलाने वाले शीतल प्रसाद पाटनवार और डीएलएस महाविद्यालय के एनएसएस प्रभारी शेख अफरीदी व उनकी टीम को भी सम्मानित किया गया। अतिथियों ने इन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मुख्य अतिथि पूजा विधानी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है और बच्चों के माध्यम से यह संदेश समाज में व्यापक बदलाव ला सकता है। वहीं डॉ. विनय कुमार पाठक ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शत्रुघन जेसवानी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सचिव बालगोविन्द अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और शहरवासी मौजूद रहे।

