कोरबा । राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में लागू की जा रही सुशासन आधारित योजनाएं अब धरातल पर ठोस परिणाम देने लगी हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और भरोसेमंद बनाया है। इसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर रहे हैं।
जिले में सहकारी समितियों के माध्यम से की जा रही धान खरीदी ने किसानों के बीच विश्वास का वातावरण तैयार किया है। सरकार द्वारा सर्वाधिक समर्थन मूल्य प्रदान किए जाने से कृषि कार्य को आर्थिक संबल मिला है और अन्नदाताओं का उत्साह बढ़ा है। सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते खरीदी केंद्रों पर किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं देखी जा रही है।
इसी क्रम में ग्राम दोंदरो निवासी कृषक बाबू सिंह कंवर का धान विक्रय का पहला अनुभव उल्लेखनीय रहा। लगभग 16 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले कंवर ने इस वर्ष पहली बार उपार्जन केंद्र सोनपुरी में 65 क्विंटल धान का विक्रय किया। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया सरल और सुचारू रही तथा तौल से भुगतान तक किसी भी स्तर पर कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा।
