बैंकों के माध्यम से ऋण एवं अनुदान देकर आर्थिक सशक्तिकरण की ठोस पहल

एमसीबी/ छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, रायपुर द्वारा मनेंद्रगढ़दृचिरमिरीदृभरतपुर जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों के आर्थिक उत्थान एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत बैंक प्रवर्तित स्वरोजगार योजना का प्रभावी संचालन किया जा रहा है। इस योजना के तहत एमसीबी जिले को कुल 50 इकाइयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके माध्यम से जिले के पात्र अनुसूचित जाति वर्ग के हितग्राही लघु व्यवसाय, कुटीर उद्योग एवं आयजनित गतिविधियां प्रारंभ करने हेतु आवेदन कर सकेंगे।


पीएम-अजय योजना के अंतर्गत एमसीबी जिले के पात्र हितग्राहियों को बैंकों के माध्यम से 1 लाख रुपये से 3 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस ऋण पर स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये तक, जो भी कम हो, अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा। यह अनुदान राशि सीधे बैंक के माध्यम से हितग्राही के ऋण खाते में समायोजित की जाएगी, जिससे ऋण भार में उल्लेखनीय कमी आएगी और स्वरोजगार प्रारंभ करना सरल हो सकेगा। योजना के अंतर्गत ऋण पर ब्याज दर बैंक द्वारा अपने नियमानुसार निर्धारित की जाएगी तथा ऋण की अदायगी भी संबंधित बैंक के नियमों एवं शर्तों के अनुसार की जाएगी।


यह योजना विशेष रूप से एमसीबी जिले के अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों को स्वरोजगार से जोड़ने, उनकी आय में वृद्धि करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के संभावित व्यवसायों को शामिल किया गया है, जिनमें किराना दुकान, मनिहारी, कपड़ा व्यवसाय, नाई सैलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैंसी स्टोर, मोटर मैकेनिक, सायकिल मरम्मत एवं दुकान, टीवी, रेडियो एवं मोबाइल रिपेयरिंग, वाइंडिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोनापत्तल निर्माण, लघु एवं कुटीर उद्योग तथा स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकता के अनुसार अन्य आयजनित व्यवसाय सम्मिलित हैं। ऋण इकाई लागत की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं है, व्यवसाय की प्रकृति और व्यवहार्यता के अनुसार बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत किया जाएगा।


योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदक का एमसीबी जिले का मूल निवासी होना अनिवार्य है, जिसके लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी निवास प्रमाण पत्र के साथ मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक अथवा बिजली बिल मान्य होंगे। आवेदक का अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना आवश्यक है, जिसके लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सीमा 2 लाख 50 हजार रुपये तक निर्धारित की गई है। आवेदक की आयु न्यूनतम 18 वर्ष तथा अधिकतम 50 वर्ष होनी चाहिए, जिसके प्रमाण स्वरूप शैक्षणिक प्रमाण पत्र अथवा अन्य वैध दस्तावेज के साथ शपथ पत्र मान्य होगा। इसके अतिरिक्त यह भी अनिवार्य है कि आवेदक पर किसी भी शासकीय योजना का पूर्व ऋण बकाया न हो, जिसके लिए संबंधित विभाग या बैंक द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र अथवा शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा।


आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत एमसीबी जिले के इच्छुक एवं पात्र हितग्राही ऋण हेतु निःशुल्क निर्धारित आवेदन पत्र जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन पत्र को समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। प्राप्त पात्र आवेदनों को कलेक्टर अथवा कलेक्टर द्वारा मनोनीत प्रतिनिधि के अनुमोदन के पश्चात संबंधित बैंकों को प्रेषित किया जाएगा। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने के उपरांत निर्धारित अनुदान राशि छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम मर्यादित द्वारा बैंक को उपलब्ध कराई जाएगी।


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, रायपुर का गठन मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी पुनर्गठन एवं निर्माण अध्यादेश क्रमांक 04 सन् 2000 के अंतर्गत दिनांक 30 अक्टूबर 2000 को किया गया था। निगम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के व्यक्तियों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करना है।


अधिक जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए हितग्राही राज्य स्तरीय कार्यालय, प्रबंध संचालक, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम मर्यादित, सेक्टर-24, आदिम जाति एवं प्रशिक्षण संस्थान, नया रायपुर अथवा जिला कार्यालय मनेंद्रगढ़दृचिरमिरीदृभरतपुर से संपर्क कर सकते हैं।

By kgnews

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