बीजापुर । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्माणाधीन सड़कों और पुलियाओं में कथित भ्रष्टाचार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा लगातार मिल रही गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायतों के बाद यह मुद्दा गंभीर हो गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2000 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य 500 से अधिक आबादी वाले गांवों को पक्की सड़कों के माध्यम से शहरों से जोड़ना था,ताकि ग्रामीण विकास को गति मिल सके और किसान अपनी उपज को आसानी से बाजार तक पहुंचा सकें।
लेकिन बीजापुर जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना की हालत चिंताजनक नजर आ रही है।आरोप है कि पीएमजीएसवाय विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से सड़कों और पुलियाओं का निर्माण बेहद घटिया गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है।कई जगहों पर निर्माण इतना कमजोर है कि पुलिया हाथ से उखड़ने की स्थिति में हैं, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अब ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत पूर्व मंत्री महेश गागड़ा और जिला कलेक्टर से की है।
मीडिया द्वारा सवाल पूछे जाने पर पूर्व मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि मीडिया में लगातार प्रकाशित खबरों और ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है।उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संबंधित विभाग के मंत्री से चर्चा की है।
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी निर्माणाधीन सड़कों को गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूर्ण कराया जाएगा।साथ ही, जहां भी लापरवाही या अनियमितता पाई जाएगी, वहां दोषी ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता को टिकाऊ व बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
मीडिया में खबरे आने के बाद विभाग आया हरकत में।पीएमजीएसवाय विभाग ने आनन-फानन ने गुणवत्ताहीन तरीके से बने कई पुलिया को तोड़ दिया।
विभाग द्वारा किए गए कार्यवाही की जानकारी लेने पीएमजीएसवाय के एसडीओ जांगडे को फ़ोन पर जानकारी लेनी चाही तो साहब का फ़ोन बंद मिला।विभाग के इंजीनियर राजेन्द्र सिंह का कहना है मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग द्वारा अब तक 03 पुलिया को तोड़ा गया साथ ही गुणवत्ताहीन कार्यो को लेकर ठेकेदार को नोटिस देने की तैयारी में है विभाग।
अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन इस गंभीर मामले में ठोस कार्रवाई कर पाता है या फिर यह मुद्दा भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।

