बिलासपुर। हाईकोर्ट ने विधि स्नातकों को बड़ी राहत देते हुए सिविल जज परीक्षा-2024 के फॉर्म भरने की अनुमति दे दी है, भले ही उन्होंने स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीयन न कराया हो। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) को ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 24 जनवरी से बढ़ाकर एक माह आगे करने का भी निर्देश दिया गया है। यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने प्रारंभिक सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पीएससी को निर्देश दिया है कि ऐसे उम्मीदवार जो अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें भी आवेदन की अनुमति दी जाए। हालांकि, यह प्रक्रिया याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
जबलपुर निवासी विनीता यादव ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि वह रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से विधि स्नातक हैं और वर्तमान में एक सरकारी नौकरी में कार्यरत हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार, पूर्णकालिक सरकारी नौकरी करने वाले अधिवक्ता के रूप में पंजीयन नहीं करा सकते। याचिका में छत्तीसगढ़ के विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा 5 जुलाई 2024 को जारी अधिसूचना और छत्तीसगढ़ पीएससी के 23 दिसंबर 2024 के विज्ञापन को चुनौती दी गई थी। इन नियमों में सिविल जज परीक्षा के लिए स्टेट बार काउंसिल में पंजीकरण अनिवार्य किया गया था। हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि परीक्षा में योग्य उम्मीदवारों की भागीदारी को अनुचित शर्तों के कारण सीमित नहीं किया जाना चाहिए। इससे चयन प्रक्रिया में बेहतर उम्मीदवार सामने आएंगे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत न होने वाले उम्मीदवारों को भी वैसी ही परीक्षा देनी होगी, जैसा पंजीकृत उम्मीदवार देंगे। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
रायपुर छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को कम करने के लिए…
राज्यपाल डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट रायपुर राज्यपाल रमेन डेका से…
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ छात्र सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड…
राजनांदगांव । शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के मेडिसिन विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज भवन के सेमीनार…
रायपुर । छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है और प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला…
बिलासपुर । छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में आवारा कुत्तों के हमलों, रेबीज के बढ़ते खतरे…