बिलासपुर । बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित नूतन कॉलोनी के बाल संप्रेक्षण गृह (विशेष गृह) में सोमवार तड़के हुई सनसनीखेज वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हत्या, लूट, चोरी और दुष्कर्म जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध चार बाल अपचारियों ने ड्यूटी पर तैनात चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की कथित तौरपर हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से हत्या कर दी और फरार हो गए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले चौकीदार को भरोसे में लिया। बताया जा रहा है कि रात में उन्होंने लघुशंका जाने का बहाना बनाकर आवाज लगाई और “चाचा… दरवाजा खोलो” कहकर गेट खुलवाया।
जैसे ही चौकीदार ने दरवाजा खोला, चारों ने उस पर हमला कर दिया। आरोपियों ने उसके हाथ-पैर बांधे, मुंह में कपड़ा ठूंसा और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद वे चौकीदार की बाइक और मुख्य गेट की चाबी लेकर फरार हो गए।
सुबह चौकीदार का शव मिलने के बाद पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, फरार चारों आरोपी पहले हत्या, लूट, चोरी, दुष्कर्म और मारपीट जैसे मामलों में निरुद्ध थे। अपराध के समय वे नाबालिग थे, इसलिए न्यायालय के आदेश पर उन्हें विशेष गृह में रखा गया था। अब सभी बालिग हो चुके थे। दोबारा पकड़े जाने पर उनके खिलाफ हत्या, फरारी सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
वारदात के बाद फरार होने के तरीके से भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भवन की छत पर पहुंचे, फिर छोटी छत से होते हुए कांटेदार तार हटाकर नीचे उतरे। इसके बाद लकड़ी की सीढ़ी के सहारे बाहर निकले। सीसीटीवी फुटेज में पूरी गतिविधि रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है।
फरार आरोपियों की तलाश के लिए सरकंडा पुलिस, एसीसीयू और विशेष टीमों का गठन किया गया है। पुलिस उनके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां दबिश दे रही है। आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।
मृतक चौकीदार नरेंद्र खांडे करीब एक साल से बाल संप्रेक्षण गृह में संविदा पर कार्यरत थे। परिजनों ने विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि उनका स्थानांतरण हो चुका था, लेकिन उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया।
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने मुआवजे, परिवार के दो सदस्यों को सरकारी नौकरी और सुरक्षा में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। कई घंटे तक समझाइश के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेजा गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
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