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महासमुंद । कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम के तहत् महासमुंद जिले के समस्त विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड 25 अप्रैल 2026 तक घोषित किया जाएगा। डॉ. अनिल कुमार गोरियार, जिला नोडल अधिकारी राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम ने बताया कि मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा महासमुंद जिले को वर्ष 2025-26 में 5000 मोतियाबिंद ऑपरेशन का लक्ष्य दिया गया था। जिसके विरूद्ध महासमुंद जिले में 5450 मोतियाबिंद मरीजों का सफल ऑपरेशन किया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में जिले के शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल, खरोरा, महासमुंद में पदस्थ नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार साहू 470, डॉ. मंजूषा चन्द्रसेन 536, डॉ. अनिल कुमार गोरियार 255, डॉ. रितू बजाज 275, डॉ. नेहा सिंह 44 मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया है। जिले में शासकीय अस्पताल, अनुबंधित अस्पताल एवं निजी अस्पताल मिलाकर कुल 5450 मोतियाबिंद ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया है। यह जिले की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, इसके तहत् जिले के समस्त विकासखण्डों को “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त विकासखण्ड’ 25 अप्रैल 2026 तक घोषित किया जाएगा। अवधेश कुमार यादव, सहायक नोडल अधिकारी, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा महासमुंद जिले के समस्त प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थ नेत्र सहायक अधिकारियों से समन्वय करेंगे।

उन्होने बताया कि जिले के समस्त नेत्र सहायक अधिकारी ग्रामवार अपने क्षेत्र के चिन्हांकित मोतियाबिंद रोगियों एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन की सूची संधारित कर रखेंगे जिसे अंतिम सूची माना जाएगा। जिसके आधार पर ग्राम वार ’मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित ग्राम’ घोषित किया जाएगा। ग्रामवार समीक्षा कर जिस गांव के सभी मोतियाबिंद दृष्टिहीन रोगियों का ऑपरेशन पूरा हो गया है। उस गांव के सरपंच, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं नेत्र सहायक अधिकारी द्वारा संलग्न प्रारूप के अनुसार “मोतियाबिंद दृष्टिहीन रहित ग्राम घोषित किया जाएगा। ग्राम की सूची का सेक्शन वार फिर सेक्टर वार चिन्हित करते हुए पुरे विकासखण्ड के समस्त सेक्टर के मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित हो जाने पर तहसीलदार एवं खण्ड चिकित्सा अधिकारी द्वारा संलग्न प्रारूप के अनुसार “मोतियाबिंद दृष्टिहीनता रहित विकासखण्ड घोषित किया जावेगा। यह 25 अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। इसकी सूचना मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा राज्य कार्यक्रम अधिकारी को प्रेषित किया जाएगा। ग्राम, सेक्शन, सेक्टर एवं विकासखण्ड को ’मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त घोषित किया जाएगा। मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त होने की पुष्टि अन्य जिले की टीम द्वारा कराई जाएगी।

By kgnews

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