अम्बिकापुर , ग्रामीण विकास और पंचायत व्यवस्था की जमीनी समझ विकसित करने के उद्देश्य से राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अंबिकापुर तथा मुहिम फाउंडेशन द्वारा जिला पंचायत सरगुजा के सहयोग से विद्यार्थियों का एक दिवसीय अनुभवात्मक अध्ययन भ्रमण आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को विकासखंड अंबिकापुर के ग्राम पंचायत मेंड्राकला का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने पंचायत की विभिन्न स्थानीय संस्थाओं और गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने पंचायत स्तर पर संचालित विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। साथ ही उन्होंने आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनके कार्यों को समझा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को पंचायत प्रतिनिधियों से सीधे संवाद का अवसर भी मिला, जिससे उन्हें ग्रामीण प्रशासन और विकास कार्यों की प्रक्रिया को नजदीक से जानने का मौका मिला।
कार्यक्रम का सबसे प्रेरणादायक और यादगार अनुभव विद्यार्थियों के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ संवाद रहा। समूह की महिलाओं ने बताया कि किस प्रकार स्वयं सहायता समूह केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के लिए सुरक्षा, सहयोग, आत्मविश्वास और सामूहिक शक्ति का मजबूत माध्यम बन चुका है।
इस दौरान एक समूह सदस्य ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके लिए सशक्तिकरण का अर्थ जागरूक होना, अपनी सोच रखना, अपनी बात को आत्मविश्वास के साथ रखना और अपने निर्णय स्वयं लेने की क्षमता विकसित करना है। उनके अनुभवों ने विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन में नेतृत्व और सामुदायिक विकास की प्रेरणा प्रदान की।
इस अनुभवात्मक भ्रमण के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा के बाहर समुदाय के बीच सीखने और समझने का अवसर मिला, जहां उन्होंने ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक नेतृत्व की वास्तविक कहानियों को करीब से जाना।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, मुहिम फाउंडेशन के प्रतिनिधि, जिला पंचायत के अधिकारी तथा ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
