रायपुर। धरसींवा ब्लाॅक के मटिया गांव में 15 वर्ष की नाबालिग का विवाह रोका गया। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह को सूचना मिली कि मटिया गांव में नाबालिग का बाल विवाह किया जा रहा है। तत्काल कलेक्टर ने संज्ञान में लेते हुए बाल संरक्षण और पुलिस प्रशासन का तत्काल मौके के लिए रवाना किया। टीम ने वहां पहुंचकर परिवार को समझाइश दी और बाल विवाह को रोका गया।

बाल विवाह का मतलब है, 18 साल से कम उम्र के बच्चे का किसी वयस्क या किसी और बच्चे से औपचारिक या अनौपचारिक विवाह या मिलन. बाल विवाह से जुड़ी कुछ खास बातेंः

बाल विवाह से बच्चों का बचपन खत्म हो जाता है.

इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, और संरक्षण पर नकारात्मक असर पड़ता है.

बाल विवाह से जुड़े कानून ज़्यादातर देशों में हैं, लेकिन कई देशों में इन कानूनों को लागू नहीं किया जाता. बाल विवाह से जुड़े कानूनों में सहमति की उम्र अलग-अलग होती है.

भारत में, बाल विवाह को रोकने के लिए साल 2006 में बाल विवाह निषेध अधिनियम लाया गया.

इस अधिनियम के मुताबिक, पुरुषों के लिए विवाह योग्य आयु 21 साल और महिलाओं के लिए 18 साल है.

बाल विवाह की सूचना पुलिस, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी, ग्राम पंचायत के सरपंच, या प्रथम वर्ग न्यायिक मजिस्ट्रेट या महानगर मजिस्ट्रेट को दी जा सकती है.

बाल विवाह को रोकने के लिए, समाज के हर वर्ग को साथ आकर अभियान चलाना चाहिए.

By kgnews

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