बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा क्षेत्र स्थित कुरदर वैली रिसॉर्ट में हिरण का मांस पकाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम ने रिसॉर्ट में छापा मारा और किचन से पका हुआ मांस जब्त किया। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान रिसॉर्ट के मैनेजर सहित चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में रजनीश सिंह, रमेश यादव, संजय वर्मा और रामकुमार टोप्पो शामिल हैं। इन सभी पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
इस मामले में मांस सप्लाई करने वाला आरोपी जनक बैगा अभी फरार है। वन विभाग उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रहा है। अधिकारियों ने बताया कि उसकी गिरफ्तारी के लिए पूरे इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान जारी है। वन विभाग ने जब्त मांस को जांच के लिए लैब भेजने की तैयारी कर ली है। जांच में यदि यह पुष्टि होती है कि पकाया गया मांस हिरण का था, तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग के अधिकारी मामले की गंभीरता को देखते हुए रिसॉर्ट और आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा रहे हैं।
मामले के खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता की लहर है। वन अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि अवैध शिकार और वन्यजीवों के मांस का व्यापार रोका जा सके। वन विभाग ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण और कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। विभाग ने स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और रिसॉर्ट संचालकों को चेतावनी देने की भी योजना बनाई है।
बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर मांस सप्लाई करने वाले अन्य लोगों की पहचान की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो उन पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से वन्यजीवों के संरक्षण और अवैध शिकार के खिलाफ सख्ती की सरकार की नीति को फिर से बल मिला है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और ऐसे अपराधियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
