बिलासपुर। शहर में आवारा कुत्तों का खौफ तेजी से बढ़ रहा है। रात के समय गली-मोहल्लों और चौराहों में कुत्तों के झुंड नजर आ रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रोजाना कम से कम 10 से 15 लोग कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप सिम्स और जिला अस्पताल में डॉग बाइट के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। लोगों को रैबीज का इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है।
सिम्स में औसतन रोजाना 20 और जिला अस्पताल में 5 लोग रैबीज का इंजेक्शन लगवा रहे हैं। इसके साथ ही शहर के कुछ प्रमुख स्थानों पर कुत्तों की समस्या अधिक गंभीर हो गई है। सिटी कोतवाली के सामने, करबला रोड, पुराने बस स्टैंड चौक, इमली-पारा रोड, पुलिस लाइन रोड, बृहस्पति बाजार, कुदुदंड, सरकंडा, गोंड़पारा, कतियापारा, श्रीकांत वर्मा मार्ग जैसे क्षेत्रों में कुत्तों के काटने की घटनाएं अधिक हो रही हैं। इन स्थानों से गुजरने वाले लोग अक्सर कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं।
इस समस्या को लेकर सिम्स और जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का कहना है कि वे या तो रात के समय कुत्तों का शिकार हुए हैं, या फिर सुबह के समय जब वे मार्निंग वॉक पर निकलते हैं, तब कुत्तों ने उन्हें काट लिया। ठंड के मौसम में लोगों की संख्या बढ़ गई है, जो सुबह वॉक करने के लिए बाहर निकलते हैं, जिससे कुत्तों से बचने के लिए लोग अब छड़ी लेकर निकलने लगे हैं।
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