महिला लेखन समाज में सकारात्मक बदलाव का बन रहा सशक्त माध्यम
रायपुर , रायपुर साहित्य उत्सव के पहले दिन लाला जगदलपुरी मण्डप में आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के प्रथम सत्र में “समकालीन महिला लेखन” विषय पर गहन एवं सार्थक परिचर्चा संपन्न हुई। इस सत्र में इंदिरा दांगी, श्रद्धा थवाईत,जया जादवानी तथा सोनाली मिश्र ने सहभागिता करते हुए महिला लेखन की बदलती भूमिका और उसकी सामाजिक प्रासंगिकता पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि समकालीन महिला लेखन अब भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ ही समाज के यथार्थ, संघर्ष, असमानताओं और संवेदनाओं को सशक्त रूप में सामने लाने का माध्यम बन चुका है। आज का स्त्री लेखन आत्मकथात्मक होने के साथ-साथ सामाजिक परिवर्तन को भी प्रतिबिंबित कर रहा है, जो पाठक को सोचने और प्रश्न करने के लिए प्रेरित करता है।
परिचर्चा के दौरान महिला सशक्तिकरण, समानता, सामाजिक न्याय और बदलते पारिवारिक व सामाजिक ढांचे जैसे विषयों पर गंभीर विमर्श हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर बल दिया कि महिला लेखन ने साहित्य में नई भाषा, नए अनुभव और नए सरोकार जोड़े हैं, जिससे साहित्य अधिक समावेशी और यथार्थपरक बना है।
वक्ताओं ने कहा कि समकालीन महिला लेखन समाज में सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम बन रहा है। यह न केवल स्त्री अनुभवों को स्वर देता है, बल्कि सामाजिक चेतना को भी जागृत करता है। साथ ही महिला लेखन भारतीय साहित्य को नई दृष्टि, नई संवेदना और नई दिशा प्रदान कर रहा है।
भोपाल इटली के लोनाटो शहर में 3 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक आयोजित ISSF…
रायपुर वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने…
भोपाल एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि जैन दर्शन, वैश्विक दर्शन है…
भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र खोज एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की…
रायपुर प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका…
भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आगामी 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले राज्यव्यापी नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान…