CG : शिवनाथ नदी में तेज बहाव, जलाशयों में बढ़ा पानी, मोंगरा बैराज अभी 13 फीसदी भरा …
राजनांदगांव। जिले में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने सूखे जैसे हालात को काफी हद तक खत्म कर दिया है। बारिश के कारण शिवनाथ नदी समेत जिले की अन्य सहायक नदियों में पानी का बहाव तेज हो गया है। हालांकि, बड़े बांध-बैराज अभी भी अपनी भराव क्षमता से काफी दूर हैं। जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी है, लेकिन उन्हें पूरी तरह भरने के लिए अभी अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है। बारिश के चलते शिवनाथ नदी की रफ्तार काफी तेज हो गई है। जून माह लगभग सूखा गुजरने के बाद जुलाई में हुई अच्छी बारिश से जिले के जल स्रोतों में सुधार दिखाई देने लगा है। खेतों और निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे किसानों को कुछ राहत मिली है, लेकिन खेती के लिहाज से नई परेशानी भी खड़ी हो गई है।
किसानों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है और बुआई का काम प्रभावित हुआ है। खरीफ फसल की बुआई के लिए खेतों में उचित नमी और मौसम का अनुकूल होना जरूरी होता है। यदि आने वाले दिनों में बारिश लगातार जारी रहती है तो किसानों के लिए बुआई करना मुश्किल हो सकता है। मौसम की स्थिति को देखते हुए किसानों की चिंता बढ़ गई है। जून माह में बारिश नहीं होने के कारण पहले ही खेती पिछड़ गई थी। अब जुलाई में तेज बारिश के कारण खेतों में जलभराव की स्थिति बन गई है। ऐसे में किसान बारिश थमने और खेतों के सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर, लगातार बारिश से जिले के बांध-बैराजों में पानी की आवक बढ़ी है। मोंगरा समेत अन्य प्रमुख जलाशयों में जलस्तर में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी ये अपनी क्षमता के अनुसार काफी कम भरे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कैचमेंट एरिया से पानी की आवक बढ़ने पर आने वाले दिनों में जलाशयों का जलस्तर और बढ़ सकता है। जानकारी के मुताबिक, मोंगरा बैराज में फिलहाल करीब 13 फीसदी जलभराव हुआ है। वहीं सूखानाला जलाशय में 52 फीसदी, घुमरिया में 28 फीसदी और खातूटोला में 48 फीसदी जलभराव दर्ज किया गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश के बावजूद कई जलाशय अभी अपनी पूरी क्षमता तक पहुंचने से काफी दूर हैं।
मोंगरा जलाशय में 13 फीसदी पानी भरना राहत की बात जरूर है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। जलाशय को पूरी तरह भरने के लिए मानसून की लगातार सक्रियता जरूरी होगी। बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र क्षेत्र में हो रही बारिश का असर भी मोंगरा जलाशय के कैचमेंट एरिया पर पड़ सकता है, जिससे पानी की आवक बढ़ने की संभावना है। बीते दिनों मौसम विभाग द्वारा अल्प वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद जिले में चिंता का माहौल था। जून में बारिश नहीं होने से किसानों और आम लोगों में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि, आषाढ़ में हुई अच्छी बारिश ने सूखे की स्थिति को काफी हद तक दूर कर दिया है। फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की नजर बांध-बैराजों के जलस्तर पर बनी हुई है। वहीं किसान भी मौसम के रुख का इंतजार कर रहे हैं, ताकि खेती का काम दोबारा गति पकड़ सके।
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