डोंगरगांव शहर का मुख्य मार्ग चौड़ीकरण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। शुक्रवार रात्रि को एक बार फिर इस निर्मार्णाधीन सड़क के डिवाइडर में एक मालवाहक ट्रक जा चढ़ा। सड़क चौड़ीकरण में बरती जा रही लापरवाही और मनमानी किसी से छिपी नहीं है। सारे नियमों को धता बताते हुए किए जा रहे इस निर्माण में सुरक्षा को भी ताक में रख दिया गया है।
खतरनाक तरीके से किये जा रहे इस सड़क निर्माण में राहगीरों के लिए कहीं भी को संकेतक या पट्टी नहीं लगायी गयी है, जिसकी वजह से सड़क में चलने वाले वाहन आये दिन दुर्घटना के शिकार हो रहे है। अब तक अनेक दुर्घटनाएँ केवल इस सड़क निर्माण के चलते हुई है, जिसमें जानमाल का भी नुकसान हुआ है। अनेक स्थलों में खुदाई के बाद पटाव नहीं होने से सड़क में राहगीर अपना संतुलन खो रहे हैं।
वहीं निर्माण को लेकर भी विभाग की ओर ऊंगली उठ रही है। सड़क चौड़ीकरण कार्य प्रारंभ होने से लेकर अब तक अनेक प्रश्रचिन्ह हैं, जिसमें सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने व तोड़फोड़ के बाद नाली और बिजली पोल व ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग कार्य प्रारंभ नहीं किया गया। सबसे बड़ा विषय शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए बिछाए गए पाइप लाइन लगातार टूट रही थी और इसे अब तक सड़क के नीचे से नहीं हटाया गया है। जल आवर्धन योजना के अंतर्गत डाली गई पाइप के संबंध में इस परियोजना में विचार ही नहीं किया गया है जो कि आने वाले समय में बड़ी बाधा बनेगी और फिर से पाइप लाइन सुधारने रोड तोड़ा जाएगा और रोड बनने के बाद पाइप लाइन टूटेगी।
इसे लेकर मंडल अध्यक्ष रामकुमार गुप्ता, महामंत्री संतोष यादव, प्रवेश ठाकुर, जनपद सदस्य अजय वैष्णव, धनराज ठाकुर, भावेश निक्की, आदि ने स्थानीय प्रशासन को ध्यानाकर्षण कराया, जिसके बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार पीएल नाग और नायब तहसीलदार को सड़क निर्माण में ठेकेदार द्वारा लापरवारी, सुरक्षा का किसी भी मापदंड के पालन नहीं करने की शिकायत की गई। इस दौरान प्रतिदिन हो दुर्घटनाओं, बगैर पाइप लाइन शिफ्ट किए निर्माण, नगर पंचायत को हो रहा है। लगातार नुकसान, निर्माण सूचना फलक लगाने सहित होने वाले कार्य की जानकारी सार्वजनिक करने की बात कही गई।
