CG : 15 अगस्त तक मत्स्याखेट पूर्ण रूप से प्रतिबंधित …
बालोद। जिले में मछलियों के प्रजनन एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए वर्षा ऋतु में 15 अगस्त 2026 तक सभी प्रकार के मत्स्याखेट को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है। सहायक संचालक मछली पालन ने बताया कि वर्षा ऋतु में मछलियों की वंश वृद्धि (प्रजनन) को दृष्टिगत रखते हुये उन्हें संरक्षण देने हेतु राज्य में छत्तीसगढ़ नदीय मत्स्योद्योग अधिनियम 1972 की धारा 03, उपधारा 02, के तहत 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक क्लोज सीजन के रूप में घोषित किया गया हैं।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी तालाबों एवं जल स्त्रोतों में जिनका संबंध नदी नालों से नहीं हैं, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर को छोड़कर, सभी प्रकार के जल संसाधनों में 16 जून से 15 अगस्त 2026 तक मत्स्योखट कार्य पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) अधिनियम, 2025 के अनुसूची 4 अनुसार, छत्तीसगढ़ मत्स्य क्षेत्र अधिनियम 1948 की धारा 05 के तहत 25 हजार रूपये तक की शास्ति से दंडित किये जाने का प्रावधान है। उक्त नियम केवल छोटे तालाब या अन्य जल स्त्रोत जिनका संबंध किसी नदी नाले से नहीं हैं, के अतिरिक्त जलाशयों में किये जा रहे केज कल्चर में लागू नहीं होंगे।
उत्तर बस्तर कांकेर, कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर द्वारा सर्प काटने, तालाब एवं डबरी में…
उत्तर बस्तर कांकेर, वर्षाकाल के दौरान पहंुचविहीन क्षेत्रों के नागरिकों को राशन की उपलब्धता सुनिश्चित…
रायपुर. शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने एवं…
महासमुंद , कभी पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करने को मजबूर रहने वाला विकासखंड…
पन्ना मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने केन बेतवा लिंक परियोजना से जुड़ी मझगाय…
देशभर से चुनी गईं सिर्फ 20 प्रतिभाएं मिशन शक्ति सेट के तहत बनाएंगी चंद्र उपग्रह…