CG : CBI का ऑपरेशन चक्र-VI, देशभर में 80 ठिकानों पर चल रही छापेमारी …
रायपुर/दिल्ली। ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम को बढ़ावा देने वाले साइबर क्राइम नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने ‘ऑपरेशन चक्र-VI’ के तहत 60 स्पेशल टीमें बनाईं और 16 राज्यों – पंजाब, गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, असम, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, कर्नाटक और ओडिशा – में 80 से ज्यादा जगहों पर एक साथ छापेमारी की।
यह छापेमारी एक चल रही जांच का हिस्सा थी, जिसका मकसद ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम के 200 से ज्यादा मामलों में शामिल एक नेटवर्क को खत्म करना था। इस दौरान चेन्नई और कोलकाता से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन पर शेल कंपनियां बनाने और ‘म्यूल’ बैंक अकाउंट खोलने और चलाने में शामिल होने का आरोप है। बताया जाता है कि इन अकाउंट्स का इस्तेमाल अपराध से जुड़ी लगभग 2 करोड़ रुपए की संदिग्ध रकम को लॉन्डर करने (अवैध पैसे को वैध दिखाने) के लिए किया गया था। सीबीआई ने हाल ही में एक फर्जी वेबसाइट का पता लगाया, जिसका यूआरएल भारत के सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट जैसा ही था। धोखाधड़ी करने वालों ने कथित तौर पर इस फर्जी डोमेन का इस्तेमाल ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर लोगों को धोखा देने के लिए किया। सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से मिली शिकायत के आधार पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की।
एडवांस्ड फॉरेंसिक टूल्स और तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करते हुए सीबीआई ने भारत और विदेश में चल रहे आपराधिक नेटवर्क के अहम हिस्सों की पहचान की। जांच से पता चला है कि अपराधियों ने अपनी धोखाधड़ी वाली गतिविधियों को भरोसेमंद दिखाने के लिए जाली और मनगढ़ंत दस्तावेज अपलोड किए थे, जिनमें अदालतों और अलग-अलग कानून लागू करने वाली एजेंसियों द्वारा जारी किए गए आदेशों जैसे दिखने वाले फर्जी आदेश भी शामिल थे। छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस, मोबाइल फोन और बैंक ट्रांजेंक्शन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए। इन चीजों की बारीकी से फॉरेंसिक जांच और विश्लेषण किया जा रहा है। सीबीआई को ऐसे सबूत भी मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि भारतीय नागरिकों के अलावा, कई दूसरे देशों के नागरिकों को भी इसी नेटवर्क ने धोखा दिया हो सकता है। संबंधित देशों की कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सही माध्यमों से सूचित किया जा रहा है। सीबीआई साइबर क्राइम नेटवर्क को खत्म करने और ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम समेत साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि में आधुनिक…
भोपाल राज्य पुलिस सेवा के आठ (1997 बैच के एक और 1998 बैच के सात)…
बिलासपुर. हाईकोर्ट में डोंगरगढ़ के बहुचर्चित परिक्रमा पथ निर्माण मामले में सुनवाई हुई. कोर्ट ने…
आवास निर्माण तक सीमित रहा मंडल अब अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में भी प्रदेश के…
भोपाल मध्यप्रदेश शासन के उपक्रम म.प्र. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा संचालित अंशदायी कैशलेस…
रतलाम रतलाम जिले के ग्राम हतनारा में मुहर्रम के अवसर पर गुरुवार को बड़ा हादसा…